इंडो-पैसिफिक के लिए प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ साझेदारी बढ़ा रहा भारत

नई दिल्ली। फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका की नई दिल्ली की तीन दिवसीय यात्रा का 26 अगस्त को समापन हुआ। उनका यह दौरा ऐतिहासिक रहा, क्योंकि इस दौरान भारत और फिजी ने कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर करने के साथ ही अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया। इसके साथ ही भारत ने फिजी को अपना अहम ‘ग्लोबल साउथ’ साझेदार करार दिया और दोनों ही देशों ने एक स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्व पर भी जोर दिया।
समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में फिजी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्र है। प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक पकड़ बढ़ाने के चीन के अथक प्रयासों की पृष्ठभूमि में, भारत फिजी के साथ अपने रक्षा संबंधों को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। यही वजह है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत अब अपने ग्लोबल साउथ और प्रशांत क्षेत्र के छोटे और द्वीपीय देशों के साथ साझेदारी मजबूत कर रहा है।
इसकी बानगी 2014 में केंद्र में मोदी सरकार के आते ही देखी गई थी, जब 33 वर्षों बाद किसी भारतीय पीएम ने फिजी की धरती पर कदम रखा था। तब भारत ने ‘फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइसलैंड कॉर्पोरेशन’ की शुरुआत की थी और इसके साथ ही मोदी सरकार ने किरीबाती, वानुआतु, तिमोर-लेस्ते और ब्रुनेई और अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ सहयोग बढ़ाना शुरू कर दिया, जो कि अभी तक अनवरत जारी है। ऐसे छोटे द्वीपीय देशों के साथ बढ़ते सहयोग से भारत न केवल ग्लोबल साउथ की आवाज बनकर उभर रहा है, बल्कि इससे पूरे पैसिफिक क्षेत्र के साथ हमारे जुड़ाव को दी नई ताकत भी मिल रही है।
पीएम राबुका से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा भारत और फिजी भले ही महासागरों की दूरी पर हों, लेकिन हमारी आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवार हैं। हम एक ऐसी विश्व व्यवस्था के निर्माण में भागीदार हैं, जहां ग्लोबल साउथ की स्वतंत्रता, विचारों और पहचान का सम्मान किया जाता है।
विदेश मंत्रालय की सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा ने एक बयान में कहा दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत में राजनीतिक सहयोग, उच्च-स्तरीय संपर्क, व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, गतिशीलता, रक्षा, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संबंधों सहित संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई। फिजी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक मूल्यवान साझेदार है और प्रशांत क्षेत्र में एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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