रियल मीडिया नेटवर्क
राठ हमीरपुर)——नगरवासियों को जाम और अतिक्रमण से राहत दिलाने के उद्देश्य से शुरू हुआ राठ का मुख्य मार्ग चौड़ीकरण कार्य अधिशासी अभियंता की निष्क्रियता और अड़ियल रवैये के कारण बीच में ही ठप पड़ गया है। इससे नगर ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों की आम जनता भी गहरी नाराजगी जता रही है।
सरकार द्वारा उरई रोड नहर बाईपास से लेकर लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह तक सड़क चौड़ीकरण एवं नाला निर्माण के लिए विशेष बजट जारी किया गया था। लोक निर्माण विभाग ने परियोजना की निविदा पारित कर कार्य प्रारंभ भी करवा दिया था। कुछ टुकड़ों में कार्य भी संपन्न हुआ। जहां चौड़ीकरण हुआ, वहां सड़क का लेवल अनियोजित और असंतुलित है, जिससे वह सड़क की बजाय बड़े ब्रेकर जैसी प्रतीत होती है।
सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार द्वारा निर्धारित दायित्व पूर्ण करने के बाद भी शेष कार्य में देरी का कारण हमीरपुर मुख्यालय में तैनात अधिशासी अभियंता की मनमानी बताई जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि वह किसी ‘दबाव’ में कार्य को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। विभागीय प्रक्रियाएं पूरी होने और जनता की बार-बार की मांग के बावजूद अधिशासी अभियंता टस से मस नहीं हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों द्वारा बार-बार शिकायतें की गईं। विधायक प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारियों तक कई ज्ञापन और शिकायती पत्र पहुंचाए गए। एक जनहित याचिका (आईटीआई) तक दाखिल की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है। जागरूक नागरिकों का यह भी आरोप है कि कथित समाजसेवी संगठन और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर रहस्यमय चुप्पी साधे हुए हैं। आम जनता को उम्मीद थी कि ऐसे जनहित के मामले में उनकी आवाज बुलंद की जाएगी, लेकिन अब वे भी इस मुद्दे से दूरी बनाए हुए हैं।
नगरवासी एक स्वर में यह मांग कर रहे हैं कि मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण कार्य बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप के तुरंत शुरू कराया जाए और परियोजना को नियोजित ढंग से, उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाए। यह मार्ग न केवल नगर की जीवनरेखा है, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।


बहुत सही लिखा आपने