नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में संकट दिन-ब-दिन और भयानक होता जा रहा है। आसमान मिसाइलों से जल रहा है, जमीन धमाकों से कांप रही है और हर दिन नयी तबाही का खतरा अलग से। अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ जारी ये संघर्ष अपने 32वें दिन में प्रवेश कर चुका है और संकट अभी भी बरकरार है। देखा जाए तो अब यह युद्ध केवल सीमाओं तक नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया को डर और चिंता में डाल चुका है। हालात अब नियंत्रण से बाहर हैं और कोई समाधान फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा। ईरान की सेना ने दावा किया है कि उन्होंने मंगलवार को इस्फहान के पास एक एमक्यू-9 ड्रोन को निशाना बनाया है। ईरान का दावा है कि ये ड्रोन अमेरिका-इस्राइल का है। ईरानी सेना के हवाले से मीडिया ने बताया कि ड्रोन को इंटरसेप्ट कर तबाह कर दिया गया। ईरान ने अमेरिका-इस्राइल के अब तक कुल 146 ड्रोन तबाह करने का दावा किया है। एमक्यू-9 रीपर ड्रोन बेहद खास है और इसे आमतौर पर सर्विलांस और हमलों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह एक महंगा ड्रोन है और इस एक ड्रोन की कीमत करीब 3 करोड़ डॉलर के करीब है। ईरान ने कुवैत के तेल टैंकर को निशाना बनाया है। सोमवार को दुबई के बंदरगाह पर कुवैत के तेल टैंकर पर हमला किया गया, जिससे टैंकर में आग लग गई। इस हमले के चलते समुद्र में तेल फैलने का खतरा भी पैदा हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान के इस्फहान शहर में धमाके हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। ईरान के इस्फहान शहर की आबादी करीब 23 लाख है और यहीं पर ईरानी सेना का बद्र सैन्य अड्डा भी है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी सेना ने इस्फहान के हथियार डिपो पर 2000 किलो वजनी बंकर बस्टर बम से हमला किया। इस्फहान में ही ईरान का संवर्धित यूरेनियम का भंडार भी रखा है। बीते साल जब अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था, तब भी इस्फहान में परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया था। ईरान की राजधानी तेहरान में कई इलाकों में अंधेरा छा गया है। दरअसल हमलों में तेहरान के बिजली प्लांट्स को नुकसान पहुंचा है, जिससे पूर्वी तेहरान में कई इलाके बिना बिजली के रहने के मजबूर हैं। वहीं ईरान के समर्थन में इराक के उग्रवादी संगठनों ने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बीते दिन 19 हमले किए। इनमें कई ड्रोन हमले शामिल हैं। इस्राइली सेना ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में ऑपरेशन के दौरान चार और इस्राइली सैनिकों की मौत हो गई है। इसके साथ ही दक्षिणी लेबनान में बीती 2 मार्च से अब तक ऑपरेशन के दौरान जान गंवाने वाले इस्राइली सैनिकों की संख्या 10 हो गई है।
कुवैत के तेल टैंकर पर हमला, ईरान का एमक्यू-9 ड्रोन गिराने का दावा
