घर-घर शिक्षा की अलख जगा रहा एकल विद्यालय अभियान

रुद्रपुर में 29 एकल विद्यालयों के आचार्यों का 30 घंटे का प्रशिक्षण वर्ग आयोजित, शिक्षा को बताया सामाजिक बदलाव का आधार

रुद्रपुर (देवरिया)। एकल अभियान के अंतर्गत रुद्रपुर संच में संचालित 29 एकल विद्यालयों के आचार्यों के लिए 30 घंटे के प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन रामचक स्थित प्रत्युष विहार विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों ने भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर एवँ पुष्प अर्पित कर किया।
संच प्रमुख मीना देवी ने प्रशिक्षण वर्ग में पहुंचे आचार्यों का स्वागत करते हुए ध्येय वाक्य दोहरवाया तथा प्रशिक्षण के समय का सदुपयोग करने का आह्वान किया। इस दौरान नव नियुक्त संच अध्यक्ष सरसचंद जायसवाल का मुख्य अतिथि प्रभात गतिविधि प्रमुख मालिक राम सहित उपस्थित अतिथियों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने एकल अभियान की रूपरेखा विस्तार से प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि एकल विद्यालय वंचित वर्ग के बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। एक आचार्य अपने गांव में वंचित समूह के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का कार्य करता है। उन्होंने बताया कि एकल अभियान के अंतर्गत महिला समिति, किसान समिति, युवा समिति, योग समिति, संस्कार समिति, सत्संग समिति और आरोग्य समिति सहित सात समितियां कार्य कर रही हैं। विशिष्ट अतिथि मस्जिद वार्ड की सभासद पुनीता भारती ने शिक्षा को सफलता की कुंजी बताते हुए लोगों से शिक्षा की अलख जगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति और विकास का आधार शिक्षा ही है।
प्रत्युष विहार विद्यालय के प्रधानाचार्य राणा प्रताप सिंह ने कहा कि एकल अभियान से जुड़े आचार्य समाज और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। मुकुल स्टडी प्वाइंट के शिक्षक मुकुल कुमार ने कहा कि संत मीराबाई, तुलसीदास, सूरदास और कबीरदास किसी विश्वविद्यालय से पढ़कर नहीं निकले थे, लेकिन उनके रचित साहित्य पर आज विश्वविद्यालयों में शोध हो रहे हैं। समाजसेवी रामप्रवेश भारती ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पीता है वह दहाड़ता है। वहीं प्रबंधक संजय कुमार यादव ने कहा कि वंचित वर्ग के लिए शिक्षा अमृत के समान है, जिससे बच्चे आगे बढ़कर अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। पत्रकार विनय गुप्ता ने कहा कि शिक्षा समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे व्यक्ति और राष्ट्र दोनों का विकास संभव है। संच अध्यक्ष सरसचन्द जायसवाल ने सभी के प्रति आभार जताते हुए अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर अंचल गतिविधि प्रमुख सुभाष, अंचल प्रशिक्षण प्रमुख राजकुमार, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, प्रतीक सिंह, शिवचंद, मनीषा निषाद, गुड़िया देवी, नीरज देवी, प्रियंका, बबीता देवी, सरिता, कंचन निषाद, खुशी राव, कविता गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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