
संवाददाता – राहुल कुमार
उरई (जालौन)। कालपी क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तट पर बसे गांवों के निवासियों की चिंता बढ़ गई है। बीते दिनों में यमुना का जलस्तर लगभग 3 मीटर बढ़ चुका है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार राजस्थान से चंबल और काली सिंध नदी के पानी के कारण यमुना में उफान आया है। कालपी में यमुना का जलस्तर 98.38 मीटर दर्ज किया गया है। जलस्तर 40 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तट पर बसे ग्रामों में हलचल मच गई है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ा दी है।
उप जिलाधिकारी कालपी विनय कुमार मौर्य ने तट पर बसे ग्रामों के लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि यमुना नदी के किनारे बच्चों को कतई न जाने दें और अपने पशुओं की निगरानी भी लगातार करते रहें, ताकि वे बढ़ते जलस्तर की चपेट में न आ सकें।
एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सभी लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने गांवों में जाकर यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखें और ग्रामीणों को समय-समय पर सतर्क करते रहें।
प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। आपदा राहत दल को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
