मनोज कुमार शुक्ल ने फिर किया एक हजार शिक्षकों का सम्मान

मनोज कुमार शुक्ल ने फिर किया एक हजार शिक्षकों का सम्मान

नीरेन्द्र सिंह
कानपुर दक्षिण। कानपुर के महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी एक पहल ज़ोरदार चर्चा में है। समाजसेवी और महाराजपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मनोज कुमार शुक्ल ‘बबलू’ वर्ष 2016 से अब तक उनके द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में 16 हजार से अधिक महिला-पुरुष शिक्षकों का सम्मान किया जा चुका है। अभी 13 सितम्बर को हुए शिक्षक सम्मान समारोह को जोड़ दे तो इस वर्ष भी करीब दो हजार शिक्षकों को सम्मानित किया गया। मनोज शुक्ल के मुताबिक यह अभियान किसी सरकारी पुरस्कार योजना का हिस्सा नहीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर आयोजित किए जाने वाले सम्मान कार्यक्रमों की श्रृंखला है। उनका दावा है कि शिक्षकों के अलावा वकीलों, पूर्व सैनिकों, आचार्य-पुरोहितों और कामकाजी महिलाओं के लिए भी लगातार सम्मान समारोह आयोजित किए जाते रहे हैं। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह-2026 आयोजित किया गया। समारोह में कानपुर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।

कार्यक्रम में शिक्षकों का अभिनंदन कर शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के प्रति आभार जताया गया। कार्यक्रम में शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समारोह को केवल सम्मान कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए मनोज शुक्ल ने शिक्षक दिवस को शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा का अवसर भी बताया। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव, डिजिटल कामकाज, विद्यार्थियों की संख्या और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसी चुनौतियों का उल्लेख किया। उनका कहना था कि शिक्षकों का सम्मान तभी सार्थक होगा, जब उन्हें पर्याप्त संसाधन, बेहतर कार्य वातावरण और पढ़ाने के लिए पर्याप्त समय भी मिले। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला कर्मचारी नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। मनोज शुक्ल के अनुसार शिक्षकों के अलावा पूर्व सैनिकों के सम्मान की भी अलग श्रृंखला चलाई गई। इसके दूसरे चरण में एक हजार से अधिक पूर्व सैनिकों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसी तरह वकीलों, आचार्य-पुरोहितों और कामकाजी महिलाओं के सम्मान के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। वर्ष 2016 से लगातार शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित करने की पहल ने महाराजपुर क्षेत्र में उनकी अलग पहचान जरूर बनाई है। शिक्षक दिवस का मूल संदेश भी यही है। स्कूल की इमारत, किताब और तकनीक जरूरी हैं, लेकिन शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी शिक्षक ही है। आज फिर एक कार्यक्रम का आयोजन नौबस्ता बम्बा स्थित इंद्रप्रस्थ गेस्ट हाउस’ में किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षकगण शामिल हुए। मनोज कुमार शुक्ला ने कहा कि ’शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा नहीं देते, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण की नींव मजबूत करते हैं।’ शिक्षकों का सम्मान करना समाज के भविष्य को सम्मान देने के समान है। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के सम्मान और सेवा के लिए खड़ा होना है। ’शिक्षकों के सम्मान की यह परंपरा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।’ समारोह में शिक्षकों के सम्मान के साथ शिक्षा, युवा और समाज के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शिक्षक सम्मान की इस पहल की सराहना करते हुए मनोज शुक्ला के प्रयासों की प्रशंसा की। ’मनोज शुक्ला ने अपने संदेश में कहा कि “जिस समाज में शिक्षक का सम्मान होता है, वही समाज प्रगति और परिवर्तन की राह पर आगे बढ़ता है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेश बाजपेई, जवाहर लाल गुप्ता, उमेशचंद्र गुप्ता, सुभाष चंद्र सचान, एके मिश्रा, संतोष यादव विधानसभा अध्यक्ष, आर.के. यादव, रिचा श्रीवास्तव, प्रियंका, सुमित यादव, आदित्य कुमार, अमर सिंह, नैन्सी आदि मौजूद रहे।

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