बुंदेलखंड के कद्दावर नेता कुंवर बादशाह सिंह की राजनीतिक वापसी, सपा में बढ़ी सक्रियता

जगदीश श्रीवास्तव
राठ हमीरपुर। बुंदेलखंड की राजनीति में अपने जुझारू तेवर और दमदार व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले चार बार के विधायक और पूर्व श्रम मंत्री कुंवर बादशाह सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भाजपा और बसपा की राजनीति में अहम भूमिका निभाने के बाद अब उन्होंने समाजवादी पार्टी में सक्रियता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि सपा उन्हें हमीरपुर विधानसभा से प्रत्याशी बना सकती है।
महोबा जनपद के खरेला ग्राम निवासी और फौजी परिवार से ताल्लुक रखने वाले सिंह ने 1988 में खरेला नगर पंचायत अध्यक्ष के रूप में राजनीति की शुरुआत की। 1991, 1996 और 2002 में भाजपा से विधायक बने, जबकि 2007 में बसपा के टिकट पर मौदहा से चुनाव जीतकर श्रम मंत्री बने। अपने कार्यकाल में उन्होंने बुंदेलखंड में पहला लेबर कोर्ट झांसी में स्थापित कराया, श्रमिकों का वेतन 10% बढ़वाया और ईएसआई अस्पतालों में व्यापक सुधार किए।
हालांकि, राजनीतिक विद्वेष के चलते आरोप लगने पर उन्हें जेल भी जाना पड़ा, जिसके बाद उनका भाजपा से मोहभंग हो गया। अब वह अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा को बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों में मज़बूत करने का संकल्प ले चुके हैं। उनका प्रभाव हमीरपुर-महोबा के साथ-साथ मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों तक माना जाता है।
अब देखना होगा कि सपा नेतृत्व उनका इस्तेमाल हमीरपुर से करता है या किसी और क्षेत्र से—-इस सवाल का जवाब आने वाला वक्त ही देगा।

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