भक्त पहलाद की भक्ति पर प्रसन्न होकर भगवान हुये प्रकट: विशाखा सखी



भोगनीपुर कानपुर देहात । वृंदावन धाम से पधारी कथा वाचिका साध्वी विशाखा सखीने कहा कि प्रहलाद की भक्ति पर प्रसन्न होकर भगवान नरसिंह का रूप धारण कर प्रकट हुए क्योंकि हिर्नाकश्यप ने जब भक्त प्रहलाद से पूछा कि तुम्हारे भगवान कहां है भक्त प्रहलाद ने कहा कि इस लोहे के खंबे में भी हमारे भगवान है भक्त के वचन की रक्षा करने के लिए भगवान नरसिंह रूप धर कर प्रकट हुए । भगवान केवल भाव के भूखे होते हैं प्रह्लाद ने हमेशा नारायण की उपासना कि जिस पर उसके पिता हिना कश्यप आपत्ति करता था और बार-बार पिता के कहने पर भी प्रहलाद भगवान की भक्ति नहीं छोड़ रहे थे जिस पर उसके पिता हिना कश्यप ने प्रहलाद को मारने के लिए कई प्रयत्न किया उसने प्रहलाद को हाथियों से भी कुचलाया गर्म लोहे कीकढ़ाई में डाला लेकिन कोई असर नहीं हुआ ऊंचे पर्वत से भी उसको धकेला गया लेकिन भक्त प्रहलाद को हर बार भगवान ने रक्षा की। कथावाचक ने कहा कि भगवान की भक्ति करना भगवान पर विश्वास करना ही भक्ति होती है प्रहलाद को भगवान पर पूर्ण विश्वास था। उन्होंने कहा कि भक्त को जब भगवान पर विश्वास हो जाता है तो हर समय भगवान उसकी रक्षा करते हैं उन्होंने कहा कि छोटे से उम्र में ध्रुव ने भी भगवान को पाया था नरसिंह भगवान ने प्रगट होकर भक्त पहलाद की रक्षा की। क्ष इस अवसर पर परीक्षित योगेंद्र राजकुमारी राहुल चक्रवर्ती सनी चक विवेक तिवारी सुरेश गुड्डी छोटूचक लाल चक अखिल गौरव विक्रम शिवम विशाल गुड्डी सीताराम सुशीला सीताराम आदेश ममता रवि कुमार पूजा मिश्रा देवेन्द्र शिवम् अमन आदि उपस्थित होकर ब्यास पीठ की आरती कर प्रसाद ग्रहण किया।

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