आंधी-बारिश का प्रकोप, सात की मौत; कानपुर रहा सबसे ज्यादा प्रभावित; तूफान का अलर्ट जारी

आंधी-बारिश का प्रकोप

रियल मीडिया न्यूज नेटवर्क/ लखनऊ। पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हुई। कानपुर में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी के साथ सर्वाधिक 21.4 मिमी. बारिश हुई। लखनऊ में 15 मिमी. बारिश दर्ज की गई। झांसी में ओले भी गिरे। एनसीआर के अलावा उन्नाव, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, हरदोई, फतेहपुर में भी आंधी के साथ ही बारिश हुई।आंधी से पेड़ गिरने के कारण हुए हादसों में कानपुर में चार, सीतापुर में एक महिला और कासगंज में भाई-बहन की मौत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में तैयार खड़ी चना, गेंहू, सरसों और अरहर की फसल बर्बाद हो गई। बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर-महोबा और जालाैन में फसलों का काफी नुकसान हुआ है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पांच अप्रैल को मौसम में सुधार के साथ ही छह अप्रैल को मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। अगले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 7 से 9 अप्रैल के दौरान प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञानी मो. दानिश के अनुसार, बारिश का असर सेंट्रल यूपी से पूर्वांचल की ओर स्थानांतरित हो सकता है।

कानपुर में आंधी से गिरे 200 पेड़, ट्रेनें प्रभावित
कानपुर और आसपास के इलाकों में आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। आंधी में कानपुर के अलग-अलग इलाकों में 200 से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। बिजली के छोटे-बड़े 92 से अधिक पोल के गिरने से बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई। दिल्ली-हावड़ा रूट, कानपुर-झांसी और कानपुर-फर्रुखाबाद रूट पर पेड़ गिरने से 22 से अधिक ट्रेनें फंस गई। मरम्मत के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य हो सका।

फसलों के नुकसान पर 24 घंटे में दें मुआवजा : सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को हुई बारिश से किसानों को होने वाले नुकसान के बारे में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहानि, पशुहानि, घायलों व चोटिलों को 24 घंटे में मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम के कारण किसानों की बर्बाद हुई फसल के नुकसान का आकलन कर संपूर्ण जानकारी एकत्र करें और उन्हें जल्द से जल्द राहत दिलाएं। सभी जिलाधिकारियों को निरंतर फील्ड में रहने और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराने का निर्देश दिया।

किसान भी दें जानकारी
जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया है। खलिहान में रखी कटी फसल नुकसान होने पर 14 दिन तक बीमा से कवर्ड है। ऐसे किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री 14447 नंबर पर समस्या दर्ज करा सकते हैं।

आज से मौसम में होगा सामान्य, सात से फिर होगा बदलाव
पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते प्रदेश के मौसम में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। शनिवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, सेंट्रल यूपी समेत प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में बारिश हुई। शनिवार शाम तक कानपुर में सर्वाधिक 21.4 मिमी. बारिश दर्ज की गई तो वहीं लखनऊ में 15 मिमी. बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ ने प्रदेश के मौसम को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। शनिवार को कई जगह 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा के बीच कहीं हल्की तो कहीं मध्यम गति से बारिश हुई। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि कई जगह बारिश की वजह से तापमान के गिरावट दर्ज की गई। पांच अप्रैल को मौसम में सुधार के साथ ही छह अप्रैल को मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। इस दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री की मामूली वृद्धि दर्ज की जा सकती है। अगले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 7 से 9 अप्रैल के दौरान प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ संभावित वर्षा के अगले दौर के कारण तापमान में फिर से 3-5 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। मौसम विज्ञानी मो. दानिश के अनुसार, बारिश का असर सेंट्रल यूपी से पूर्वांचल की ओर स्थानांतरित हो सकता है। शनिवार को दिन में अधिकतम तापमान सबसे अधिक 38.2 डिग्री बहराइच में दर्ज किया गया। कानपुर में 38 डिग्री, बांदा में 37.4 डिग्री, झांसी व हमीरपुर में 37.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

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