लखनऊ। ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पीडीए समारोह में मुरादाबाद वाली सांसद नहीं पहुंची न? ‘पीट देगा अहीर’, ‘पीट देगा अल्पसंख्यक’ (सपाई) से अब हर कोई दूर है। सांसद ने मना कर दिया न? बाद में कह रही होंगी कि बताया नहीं गया, सूचना नहीं मिली या छुपाया गया। क्या सच में यही हुआ है?” सुभासपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में लिखा, “जो कह रहा हूं मान लो। बगावत और बागियों का नेतृत्व तो ‘बागी बलिया’ की भूमि ही करेगी, क्योंकि ब्राह्मण सब भूल सकता है, पर अपमान नहीं।” इस दौरान ओपी राजभर ने सपा नेता रामगोपाल यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बाकी घमंडी रामगोपाल यादव ने मेरे और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया है, उसे पूरे बहुजन समाज ने देखा और सुना है। रामगोपाल यादव हमेशा से राजभर और मौर्य को यादवों से नीचा समझता है। इसके घर में हमारे लिए अलग बर्तन रखा रहता है।” राजभर ने आगे कहा, “पार्टी तो टूटेगी, क्योंकि एक इंटरव्यू में ‘सनातन ने कहा है कि सनातन, सनातन है, था और सनातन के साथ ही जाएगा।’ सनातनी होने का दावा कौन लोग करते हैं?” इसी बीच, ओमप्रकाश राजभर ने शिवपाल यादव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “बाकी बची हुई पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष असली चाचा ही बनेगा क्योंकि वही दोबारा पार्टी खड़ा कर सकता है। दूसरा घमंडी चाचा (रामगोपाल यादव) प्रोफेसर से प्राइमरी का मास्टर बनेगा और इसे अखिलेश के ‘शिव’ चाचा (शिवपाल यादव) हकीकत बनाएंगे।” इससे पहले, राजभर ने दावा किया कि सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की ‘बागी भूमि’ का एक लाल करेगा। इस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे ‘बागी बलिया’ का लाल बहुत आहत है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। उन्होंने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए सपा सांसदों के टूटने को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बिना किसी नाम लिए लिखा है कि सपा सांसदों के टूटने वाले गुट का नेतृत्व बागी बलिया की धरती से ताल्लुक रखने वाले एक सांसद करेंगे। राजभर ने इशारा किया है कि बुधवार को सपा कार्यालय में आयोजित सम्मेलन में ब्राम्हणों का जिस तरह से तिरस्कार किया गया है, उससे ‘बागी बलिया’ का लाल बहुत आहत है। इस घटना ने आग में घी डालने का काम किया है। अरे वो, सपाई लोडरों! तुम्हें क्या लगा ओम प्रकाश राजभर भूल गया? PDA यानी ‘पीट देगा अहीर’ और ‘पीट देगा अल्पसंख्यक’ (सपाई) की दूसरी किस्त जारी नहीं करेगा? दलितों पर सपाई यादवों और सपाई मुसलमानों के अत्याचार को जोनवार और कमिश्नरेटवार सार्वजनिक नहीं करेगा? राजभर ने लिखा है कि ‘मेरी एक प्रतिक्रिया पर जिस तरह से पूरा सैफई खानदान मुझे गाली देने और सफाई देने में जुट गया, उससे ज्यादा बेहतर है कि अखिलेश ट्विटर, ऐसी और पीसी वाली नेतागिरी छोड़कर अब सांसद बचाओ अभियान शुरू कर दें और दुखी एवं निराश सांसदों के घर जाकर उनसे माफी मांगे।’ सुभासपा अध्यक्ष ने दलितों पर अत्याचार संबंधी सपा के आरोप का जवाब भी आंकड़ों के आधार पर दिया है। उन्होंने पुलिस रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि सपा अध्यक्ष ने जिन शहरों में सर्वाधिक दलितों पर अत्याचार होने की बात कही है, उन सभी शहरों में अत्याचार करने वाले यादव व मुस्लिम समुदाय के लोग हैं। उन्होंने अपने इस बयान के साक्ष्य के तौर पर आंकड़ा भी दिया है। राजभर ने लिखा है गोरखपुर जोन में दर्ज कुल 760 मामलों में 297 यादव और 344 मुस्लिम शामिल रहे हैं। इसी तरह बनारस जोन में जहां 603 मामलों में 650 यादव और 178 मुस्लिमों पर दलित उत्पीड़न के मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे ही आगरा जोन में 287 केस में 85 यादव और 93 मुस्लिमों, और कानपुर जोन में 334 मुकदमों में 166 यादव और 57 मुस्लिरों पर दलितों को धमकाते, गाली देने, पीटने और हत्या के मामले दर्ज हैं। उन्होंने प्रयागराज, बरेली, मेरठ, आगरा, लखनऊ समेत सभी जोन के भी आंकड़ा देकर सपा को घेरा है।
राजभर का सपा पर हमला, बोले- पार्टी टूटेगी, शिवपाल बनेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष और रामगोपाल प्राइमरी के मास्टर
