कभी टपकती थी छत, जागकर कटती थी रातें – अब पक्के घर में सुकून की नींद सो रहा जालौन, 32,538 गरीब परिवारों को मिला अपना आशियाना

कभी टपकती थी छत, जागकर कटती थी रातें - अब पक्के घर में सुकून की नींद सो रहा जालौन

उरई/जालौन। बारिश आती थी तो चिंता सताती थी, छत टपकती थी तो रात जागकर कटती थी। कच्ची दीवारों और असुरक्षित छत के बीच जिंदगी गुजार रहे गरीब परिवारों के लिए अपना पक्का घर किसी सपने से कम नहीं था। आज वही सपना हकीकत बन चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने जालौन के हजारों जरूरतमंद परिवारों को सिर्फ पक्की छत ही नहीं दी, बल्कि उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी लाई है। जनपद जालौन में अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 26,668 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 5,870 परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। यानी कुल 32,538 परिवारों के सिर पर अब अपनी पक्की छत है। आवास की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंचने से योजना में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो रही है। नदीगांव विकास खण्ड के ग्राम खकसीस की लक्ष्मी की कहानी इसी बदलाव की तस्वीर है। कच्चे मकान में रहने के दौरान बारिश उनके लिए परेशानी लेकर आती थी। PM आवास मिलने के बाद वर्षों की चिंता दूर हो गई। इसी तरह महेवा विकास खण्ड के ग्राम सिमरा शेखपुर की रामबेटी और रामपुरा विकास खण्ड के ग्राम फतेहपुराकलां निवासी राममोहन के लिए भी मुख्यमंत्री आवास योजना किसी वरदान से कम नहीं रही। आर्थिक तंगी के कारण पक्का मकान बनवाना उनके लिए असंभव था, लेकिन सरकारी मदद से आज उनका अपना सुरक्षित आशियाना है। एक पक्का मकान किसी गरीब परिवार के लिए सिर्फ चार दीवारें नहीं होता, वह बच्चों के सपनों की छत और सम्मान से जीने का आधार होता है। जालौन में यही बदलाव अब हजारों परिवारों की जिंदगी में साफ दिखाई दे रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *