राहुल कुमार
उरई/कदौरा, जालौन। योगी सरकार भले ही कायाकल्प योजना और स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर सरकारी स्कूलों को चमकाने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इस तस्वीर में साफ दिख रही है। कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय, करमचंदपुर, क्षेत्र कदौरा का स्कूल परिसर तालाब में तब्दील हो चुका है। विद्यालय के मुख्य द्वार और प्रार्थना स्थल पर घुटने तक पानी और कीचड़ भरा हुआ है।

दो छोटे बच्चे बमुश्किल कीचड़ से बचते हुए स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं, दीवार पर ‘स्कूल सुंदर, स्कूल’ का नारा तो लिखा है, लेकिन हकीकत में स्कूल कीचड़ से सना हुआ है। ग्रामीणों ने पूर्व में भी जिलाधिकारी को पत्र देकर बताया था इस जलभराव के कारण छोटे बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। प्रार्थना पी.टी.खेलकूद बंद है। फिसलकर चोट लगने और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय परिसर का स्थलीय निरीक्षण कराकर मिट्टी भराव, इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से पूछा है जब स्कूल ही तालाब बना रहेगा तो बच्चे पढ़ेंगे कैसे? कायाकल्प योजना के लाखों रुपये कहाँ गए?
