राहुल कुमार
उरई जालौन। चक्रवाती मौसम एवं घने बादलों के कारण आगामी 25 से 27 सितंबर तक प्रदेश में जारी मौसम संबंधी चेतावनी के दृष्टिगत जिलाधिकारी समीर ने जनपद में विशेष सतर्कता एवं एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित अतिवृष्टि, जलभराव एवं अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से पूरी तरह दुरुस्त रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी विलंब के राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा सकें।जिलाधिकारी ने ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में मौसम संबंधी चेतावनी एवं सुरक्षा उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा तहसील एवं विकासखंड स्तर पर राहत-बचाव दलों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक उपकरण, संसाधन एवं राहत सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए।उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण एवं निगरानी करते हुए किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखते हुए जनहानि, पशुहानि अथवा मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त होते ही आवश्यक सत्यापन एवं नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण कराकर 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों को अनुमन्य मुआवजा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।विद्युत सुरक्षा, वन विभाग को पेड़ हटाने, विद्यालयों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और नगरीय जलनिकासी व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य संभावित प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लापरवाही पर कार्रवाई होगी।
