राहुल कुमार
उरई जालौन। उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार माननीय जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में अहिंसा दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।सोमवार को तहसील उरई के राजकीय इंटर कॉलेज उरई में आयोजित शिविर में पॉक्सो एक्ट 2012 एवं उनके कानूनी अधिकारों और बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन की सचिव मनाली चन्द्रा ने बताया कि शिविर की अध्यक्षता विशेष न्यायाधीश/अपर जिला जज राजीव सिंह ने की। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि पॉक्सो एक्ट का निर्माण महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2012 में किया गया था। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का सेक्सुअल शोषण करने वाले व्यक्ति पर इस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। इस कानून में अलग-अलग अपराधों के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान है।इस अवसर पर सिविल जज सी०डी०/एफटीसी० रजत सिंह यादव ने आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 112 (आपातकालीन नंबर) की जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सुरक्षित रखने और साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि जिला न्यायालय परिसर उरई में स्थापित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में जाकर विधिक सहायता ली जा सकती है। टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल करके भी विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने गुड टच-बैड टच के बीच का अंतर समझाते हुए कहा कि असहज व्यवहार लगने पर तुरंत माता-पिता, शिक्षक या हेल्पलाइन पर संपर्क करें।कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य जितेन्द्र कुमार सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। संचालन पीएलवी महेश सिंह परिहार ने किया। इस अवसर पर डीईओ दीपक नरायण, पीएलवी महेन्द्र कुमार मिश्रा, योगेन्द्र सिंह तखेले सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
