रियल मीडिया नेटवर्क
जगदीश श्रीवास्तव
राठ।नगर में अक्सर लगने वाले जाम के कारण सभी लोग हलकान हैं। अब तो रामलीला मैदान के पास और पड़ाव चौराहे पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है और बीती शाम इसी में फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी फस गई। जिसको जाम से निकलने में लगभग आधा घंटा लग ही गया। अब प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के बाद इस जाम से मुक्ति मिलने की संभावना है। फिर भी कुछ लोग इस चौड़ीकरण का विरोध कर रहे हैं, कारण यही है कि उनके मकान इसकी जद में आ रहे हैं और मकान टूटने पर दुखी होना स्वाभाविक है। गौरतलब है कि वर्षों से राठ नगर से होकर निकल रहे बिलरायां-पनवाड़ी राजकीय राजमार्ग के किनारे नगर में लोगों ने स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण कर रखा है तथा नगर में ई-रिक्शा की संख्या हजारों में हो गई है। इसी राजकीय राजमार्ग के किनारे राज्य सड़क परिवहन निगम का बस अड्डा भी है। 2 वर्ष पूर्व से अंबेडकर चौराहे पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक बड़े वाहनों की का प्रवेश वर्जित कर दिया जाता है। फिर भी रोडवेज बसें इस प्रतिबंध से मुक्त होने के कारण इसी मार्ग से राठ डिपो और महोबा/झांसी रोड से जुड़ती हैं। कई बार रामलीला मैदान के पास से निकले चरखारी रोड से भारी भरकम वाहन भी इस राजमार्ग में सम्मिलित हो जाते हैं। रामलीला मैदान में सब्जी मंडी सड़क किनारे लग जाने के कारण रामलीला मैदान और सकरा होने के कारण पड़ाव चौराहे पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। नगर में अतिक्रमण की समस्या भी अत्यधिक विकराल है। निष्क्रिय पालिका और पुलिस प्रशासन इस ओर से बिल्कुल ही संवेदनहीन बना हुआ है। पिछली उद्योग बंधु की बैठक में जिला अधिकारी हमीरपुर के निर्देश के बावजूद अभी तक नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संबंधितों को लेकर नगर का निरीक्षण ही नहीं कर पाए हैं, अतिक्रमण हटाने का की बात तो और है। बीती शाम हद तो तब हो गई, जब लगभग 7:30 बजे आग बुझाने के लिए जा रही फायर ब्रिगेड की गाड़ी पड़ाव और रोडवेज के बीच इसी जाम में बुरी तरह फस गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ी के दोनों और वाहनों की कतार लगी हुई थी और फायर ब्रिगेड का हूटर लगातार बज रहा था।फिर भी जाम जस का तस बना हुआ था। फायर ब्रिगेड के गंतव्य तक न पहुंच पाने के कारण कभी-कभी लाखों रूपयों की हानि हो जाती है और परिवार के परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच जाते हैं।
इस जाम की समस्या के बारे में अक्सर अपनी सलाह बेबाकी से देने वाले उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष के जी अग्रवाल कहते हैं कि अब जबकि गर्मी अपनी चरम स्थिति पर आ रही है। जब तक जाम की स्थिति सुधार नहीं हो जाता,तब तक फायर ब्रिगेड का कम से कम एक वाहन नगर में जाम से मुक्त बाहर की ओर कहीं मौजूद रहना चाहिए। जिससे कि समय रहते आग लगने वाले स्थान पर फायर ब्रिगेड पहुंच सके। चरखारी रोड पर फायर ब्रिगेड का भवन लगभग पूरा बन चुका है, फिर भी यहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां अथवा फायर ब्रिगेड वाले नहीं रह रहे हैं।यह सब पुराने कोतवाली भवन में ही अपना अड्डा जमाये हुए हैं।

