रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। कस्बे का पालीवाल परिवार रसूख वाले परिवारों में गिना जाता है। कस्बे में इस परिवार का हमेशा दबदबा रहा है। लेकिन जैसे ही पूर्व चेयरमैन आनंदी प्रसाद पालीवाल की मौत हुई। संपत्ति को बंटवारे को लेकर विवाद उत्पन्न हो गए। गत सात जनवरी को खेत में पानी लगाने के दौरान हुई गोली बारी में एक व्यक्ति के मौत हो गई थी। इस मामले में तीन सगे भाइयों सहित चार लोगों को जेल जाना पड़ा था। जेल में ही रहते आलोक पालीवाल की तबीयत बिगड़ी और जेल प्रशासन उसे उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती कराया था। जहां मंगलवार को उसने अंतिम सांस ली। शव लखनऊ से कस्बे में लाया जा रहा है। आलोक पालीवाल के खिलाफ हत्या, हत्या की साजिश रचने सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज है। आनंदी प्रसाद पालीवाल कस्बे के रसूखदार घरानो में गिने जाते हैं। यह तीन बार कस्बे के अध्यक्ष रहे। उनकी बहू जिला पंचायत सदस्य रह चुकी है। आलोक पालीवाल क्षेत्र पंचायत सदस्य रहे हैं। राहुल उर्फ टिंकू पालीवाल चंद्रपुरवा बुजुर्ग के प्रधान रहे हैं। यह घराना जमींदार घराने में शामिल है। चंदपुरवा बुजुर्ग के मजरा इटरा में इनकी जमीदारी रही है। आनंदी प्रसाद पालीवाल की मौत के बाद उनके पुत्रों में संपत्ति बंटवारे का विवाद उत्पन्न हो गया। एक पक्ष में राहुल उर्फ टिंकू पालीवाल है। अन्य सभी भाई आलोक पालीवाल के साथ है। बीते सात जनवरी को इटरा में खेत में पानी लगाने को लेकर दोनों भाइयों के मध्य हुई गोलीबारी में राहुल उर्फ टिंकू पालीवाल के गनर फूल सिंह प्रजापति की मौत हो गई थी और राहुल के साथ उसका पुत्र गोली लगने से घायल हुए थे। पुलिस ने राहुल की तहरीर पर आलोक पालीवाल, पुनीत पालीवाल, संजय पालीवाल,अजय पालीवाल व इस्लाम खान के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने आलोक पालीवाल, पुनीत पालीवाल, इस्लाम खान, संजय पालीवाल को जेल भेजा था। विवेचना में अजय पालीवाल की घटना स्थल पर मौजूदगी के साक्ष्य नहीं पाए गए थे। इस वजह से उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी। एक पखवाड़े पूर्व इस्लाम खान की जमानत हो गई थी। अन्य सभी जेल में बंद है। जेल में ही आलोक की तबीयत बिगड़ी और उन्हें जेल प्रशासन ने गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराया था। मंगलवार को पीजीआई में ही उसने अंतिम सांस ली। यह खबर कस्बे में आते ही लोग गमगीन हो गए हैं।
