लोक निर्माण विभाग बना सफेद हाथी,सडक चौड़ीकरण का सपना रौंद डाला


@ लोग कर रहे इंतजार,विभाग हो गया लाचार
जगदीश श्रीवास्तव विशेष संवाददाता

राठ हमीरपुरनगर के बीचों बीच से गुजरने वाले राजकीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। परंतु लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की ढिलाई के चलते बेहद मंद गति से चल रहा यह कार्य अब बंद भी हो गया है।
गौरतलब है कि उरई रोड नहर से लेकर अंबेडकर चौराहा, श्री रामलीला मैदान, पंoपरमानंद चौराहा से होते हुए लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह तक सड़क का चौड़ीकरण का कार्य कुछ समय पूर्व प्रारंभ कर दिया गया था। ठेकेदार ने जहां-जहां स्थान मिला, वहां वहां चौड़ीकरण का कार्य कर दिया। परंतु इस चौड़ीकरण के कार्य में सड़क किनारे लगे हुए भवनों और प्रतिष्ठानों का तोड़ा जाना भी आवश्यक माना जा रहा था। जिससे कि चौड़ीकरण के लिए पर्याप्त स्थान प्राप्त किया जा सके,परंतु लोक निर्माण विभाग के अभियंता अपनी स्वभावगत ढिलाई के चलते कई बार माप जोख करके चुप बैठ गए। अब सड़क किनारे वाले मकान टूटने के भय से रात दिन असमंजस में हैं कि यह कार्य होना भी है अथवा नहीं। कुछ धनाढ्य लोगों ने अपने प्रतिष्ठानों के क्षतिग्रस्त होने की चिंता में इधर-उधर हाथ पैर मारना शुरू कर दिया है। ऐसे तीन-चार लोग ही ज्यादा सक्रिय हैं, जो कि अब स्वयं की अधिक क्षति होने के बावजूद अन्य संबंधित लोगों से न्यायालय सहित विभिन्न जगह अपनी बात पहुंचाने की ऐवज में रुपया इकट्ठा कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को आशंका है कि एकत्रित रुपयों का कहीं तीन-चार लोगों में बंदर बांट ना हो जाए। क्योंकि जब निविदा भी हो चुकी है और कार्य भी प्रारंभ हो चुका है,तो कहीं से भी राहत मिलने की उम्मीद नगण्य है।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि उरई बस स्टेशन से रोडवेज बस स्टेशन तक कई जगहों पर पुलियां बनी हुईं थी, जो कि अब पड़ोस के मकान मालिकों ने अपने-अपने कब्जे में कर लिया है।अभी भी सड़क के नीचे पुलियों का अस्तित्व है। अब जबकि सड़क के किनारे दोनों ओर नालों का भी निर्माण होना है,तो जनांकांक्षा तो यही है की पुलियों को भी पानी की निकासी के लिए पुनर्जीवित किया जाए। स्मार्ट प्वाइंट, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक,जीजीआईसी,स्वराज एजेंसी और अंबेडकर चौराहे के पास बनी पुलियों का इस समय अवशेष मात्र है।यदि बरसात के पूर्व ही पुलियों सहित दोनों ओर का यह नाला पूरा बन जाता है, तो नगर के मोहल्लों में पानी का भराव कुछ कम हो सकेगा।
नगर पालिका गठन के बाद आज तक नगर के पानी की निकासी नगर से बाहर कहीं नहीं है।

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