रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। हमीरपुर बांदा फतेहपुर की सीमा से यमुना नदी से निकाले जाने वाली भूमिगत नहर 23 करोड़ रुपये व्यय होने के बाद कार्य शुरू नहीं हो सका है। 116 करोड़ की लागत से बनने वाली इस नहर में अभी तक केवल किसानों को मुआवजा ही दिया गया है। सदर विधायक ने इसमें हो रहे भ्रष्टाचार के लिए शासन को पत्र भेजा है। इसके बाद भी कार्य में तेजी नहीं आ सकी है। फिलहाल 12 लाख की लागत से कैंप कार्यालय का निर्माण कराया जा रहा है।
लघु डाल नहर 116 करोड़ की लागत से 21 किलोमीटर भूमिगत नहर का निर्माण करा रही है। यह हमीरपुर बांदा फतेहपुर की सीमा में बह रही यमुना नदी में भौंरा डांडा से निकलकर बड़ागांव (बांदा) में यमुना नदी तक करा रही है। प्रथम चरण में कार्य के शुभारंभ के लिए गत वर्ष में 25 करोड़ की धनराशि जारी की गई थी। इसमें अभी तक किसानों को मुआवजा ही मिल सका है। शेष धनराशि में 12 लाख रूपये की लागत से भौंरा डांडा में यमुना नदी के किनारे विंध्यवासिनी मंदिर के समीप कैंप कार्यालय बनाया जा रहा है। इसका निर्माण अभी अधूरा है। यह भूमिगत नहर भौंरा डांडा से निकलकर बांदा जनपद के नारायढ़,रामपुर, बुधेडा,गजपुरवा, तनगामऊ, कानाखेड़ा,भुइयारानी, गुलौली, गाजीपुर,चंदवारा, चौकीपुरवा, झंझरीडेरा, पिपरोदर से होकर बड़ागांव मौजा होते हुए यमुना में गिराई जाएगी। पांच मीटर चौड़ी इस भूमिगत नहर में प्रत्येक गांव के समीप इंटेकवेल बनाकर किसानों को पानी मुहैया कराया जाएगा। यमुना नदी से पानी हमीरपुर जनपद के भौंरा डांडा गांव से लेकर बांदा जनपद के गांवों को दिया जाना है। इस जनपद के भौंरा गांव के कुछ किसानों को ही इस नहर का लाभ मिलेगा। निर्माण के नाम पर भौंरा डांडा में यमुना नदी किनारे केवल नहर निकालने के लिए खुदाई करके महज कच्चा स्ट्रक्चर ही अभी तैयार किया गया है। पाइपलाइन डालकर भूमिगत नहर का निर्माण कब होगा, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सदर विधायक डॉ.मनोज कुमार प्रजापति ने इसके निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायत शासन से की है। शासन शिकायत पर क्या कार्यवाही करता है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कार्यालय भवन बना रहे ठेकेदार संतोष यादव ने बताया कि इसे सिर्फ भवन निर्माण का कार्य करना है।अन्य कार्य दूसरे ठेकेदारों को दिए गए है।


