भरुआ सुमेरपुर। लाखों रुपए खर्च करके बरुआ में बनाया गया आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन दुर्दशा का शिकार है। खिड़की दरवाजा ग्रामीणों ने खोद कर गायब कर दिए हैं। जीर्णशीर्ण भवन में विलायती बबूलों ने कब्जा जमा लिया है। यहां तैनात सीएचओ एएनएम के साथ प्राथमिक विद्यालय के भवन में बैठकर ही टीकाकरण आदि करने को मजबूर है।
ग्राम पंचायत बरुआ में गांव के किनारे सड़क से लगा हुआ दो दशक पुराना भवन था। इस जीर्णशीर्ण भवन का सामने की तरफ रंगरोगन करके आयुष्मान आरोग्य मंदिर लिख दिया गया है। इस भवन के खिड़की दरवाजा गायब हैं। भवन के अंदर गंदगी का साम्राज्य है। ग्रामीण दीनदयाल निषाद, छोटे निषाद आदि ने बताया कि कुछ महीने पूर्व इसको रंग रोगन करके चकाचक किया गया है। मगर यह बैठने के लायक नहीं है। ऐसा क्यों किया गया है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। प्रधान छेदीलाल निषाद ने बताया कि भवन दो दशक से जर्जर हालत में है। सीएचओ प्राची सचान, एएनएम पिंकी देवी प्राथमिक विद्यालय के भवन में बरामदे में बैठकर टीकाकरण आदि कार्य करती है। प्रधान ने कहा कि यह सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को गांव आती हैं।प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि सीएचओ एक मई से मातृत्व अवकाश में है। उपकेंद्र का नया भवन बनाया गया है।लेकिन अभी हस्तांतरित नहीं किया गया है।वह मौके पर जाकर देखेंगे।
खुद ही बीमार है आयुष्मान आरोग्य मंदिर, खिड़की दरवाजा गायब खड़ा हो गया जंगल
