रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। आर्य समाज के तत्वाधान में चल रहे ध्यान , योग , साधना ,आध्यात्मिक , ज्ञान विज्ञान प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन रोहतक हरियाणा से पधारे हुए ब्रह्मचारी आचार्य सत्यव्रत महाराज जी ने शिविरार्थीयो को जानकारी देते हुए बताया कि प्राणायाम के द्वारा ही मन को वश में किया जा सकता है। आज आचार्य जी ने अष्टांग योग में आसन , प्राणायाम , प्रत्याहार , धारणा , ध्यान , समाधि के नियमों की विस्तृत व्याख्या करके क्रियात्मक ढंग से ध्यान मेडिटेशन की क्रियो का अभ्यास कराया ।
आसन प्राणायाम का अभ्यास करते हुए आचार्य जी ने रोगों के बचने का उपाय एवं आए हुए रोगों से निवृत्ति का समाधान भी दिया। शिविरार्थीयो से मादक पदार्थ, गुटका, नशा इत्यादि का छोड़ने का भी सन्कल्प दिलाया। इस मौके पर शिवकुमार , लखनलाल , अरविंद , देवी शरण , बच्चू, मैयादीन , इंदल प्रसाद , रामबाबू , पवन , कुमार सानू , राम अवतार , महेंद्र , गोविंद प्रसाद , रामचंद्र , मनीष , सौरभ , गणेश प्रसाद , लक्ष्मी नारायण , प्रेम कुमार श्रीवास्तव , हर नारायण , श्रीमती मीनाक्षी आर्या , रूबी आर्या , साध्वी नारायणी आर्या , पिंकी , राधा , रमा मिश्रा, आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उमेश आर्य ने किया

