मोदी सरकार के 11 वर्ष,कितना हर्ष,कितना उत्कर्ष पर हुई संगोष्ठी


लखनऊ ।प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट संगठन के तत्वाधान में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर 11 वर्ष कितना हर्ष कितना उत्कर्ष विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री सर्वेश चंद्र द्विवेदी सूचना आयुक्त श्री दिलीप अग्निहोत्री वरिष्ठ पत्रकार संपादक पदम कांत शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया । संगोष्ठी की अध्यक्षता राष्ट्र धर्म के निदेशक श्री सर्वेश चंद्र द्विवेदी ने की। मुख्य अतिथि चंद्र भूषण पान्डेय निदेशक नवरत्न कम्पनी, भारत सरकार थे।संगोष्ठी में वक्ताओं ने
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार के 11 वर्ष की विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला तथा दुनिया में भारत की जो छवि बनी है उसकी प्रशंसा की। पड़ोसी देश पाकिस्तान से ऑपरेशन सिंदूर के द्वारा आतंकवाद पर प्रहार जैसे विषय पर विचार प्रकट किया गया । पत्रकारों ने प्रिंट मीडिया के प्रति सरकार की नीतियों के कारण उत्पन्न हो रही दिक्कतों को दूर करने का अनुरोध किया। केन्द्रीय सरकार ने देश को आतंकवादी मुक्त और दुनिया की अर्थव्यवस्था में तीसरी शक्ति बनने की ओर अग्रसर होने पर बधाइयां दी ।कार्यक्रम कि अध्यक्षता कर रहे श्रीसर्वेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि संविधान में प्रदत्त प्रावधानों के प्रति आज कितने जागरूक हैं। क्या हम न्याय कर पा रहे हैं यह सोचने का विषय है! भारत का संविधान में अंग्रेजी का कोई स्थान नहीं है लेकिन आज भी अंग्रेजी हमारे ऊपर राज कर रही है। इसी तरह ब्यूरोक्रेसी के ऊपर हम दृष्टि डालते हैं तो वह हमारी सेवक हैं लेकिन क्या भारत में कोई लोक सेवक लोक सेवा कर रहा है। अपितु ऐसा लग रहा है कि लोक सेवक हमारे ऊपर शासन कर रहा है। अपने क्रियाकलापों से हमें प्रताड़ित कर रहा है। सच्चा संविधान जब तक लागू नहीं होता तब तक हमारे पूर्वजों की परिकल्पना पूर्ण नहीं होगी। भारत को भारतीय रीति नीति के अनुसार चलना होगा तभी भारत दुनिया में अपने आप को स्थापित कर पाएगा। आज न्यायालय, पत्रकार ब्यूरोक्रेसी सब के सब संविधान में प्रदत्त नियमों और प्रावधानों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। पत्रकारिता सहकारिता के माध्यम से ही स्वतंत्र और निष्पक्ष रह सकती हैं। देश में तथाकथित लोग स्वार्थ के कारण संविधान को धर्मनिरपेक्ष बताते हैं जबकि हम पंथ निरपेक्ष है।उन्होंने नेता प्रतिपक्ष का नाम लेते हुए कहा कि हमारा संविधान कहता है कि कोई भी दोषी को वोट देने का अधिकार नहीं है लेकिन हमारा चुनाव आयोग किसी को वोट देने से रोकने का आज तक एक भी उदाहरण पेश नहीं कर पाया । जबकि हर कोई वोटर नहीं हो सकता है और किसी को वोटर बनने के लिए कुछ जरूरी प्रावधान है। संगोष्ठी में संस्था के अध्यक्ष अजीज सिद्दीकी ने अतिथियों का दुलारा उड़ाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार हरिराम त्रिपाठी डॉ. सुयश मिश्र, भाजपा नेता प्रदीप सिंह बब्बू, भाजपा नेत्री पत्रकार अब्दुल वाहिद ने भी विचार प्रकट किए ।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र अग्निहोत्री ने किया। कार्यक्रम में डॉ. रीमा सिन्हा ,भ्रमर बैसवारी,अनवर आलम, गुलाम हुसैन, जावेद छायाकार, फिरोज बाबा, गिरिराज शर्मा नवीन श्रीवास्तव मुस्ताक अहमद, डा राजेश वर्मा, गिरीश कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता साहित्यकार, कवित्रियों ने भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *