बेहंटा बुर्जुग गांव में निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

हजारों की संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु

पुरी उड़ीसा की तर्ज पर होता है आयोजन
अवध दीक्षित
घाटमपुर (कानपुर)। उड़ीसा (पुरी) की तर्ज पर शुक्रवार को क्षेत्र के बेहटा बुजुर्ग गांव में भगवान जगन्नाथ की परंपरागत भव्य रथयात्रा निकाली गई। जिसमें आसपास के गावों कस्बों के अलावा दूर-दूर से आए हजारों की संख्या में भक्तगण शामिल हुए।
यात्रा दोपहर में गांव में स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से शुरू हुई। यात्रा गांव की गलियों में भ्रमण करती हुई देर शाम मंदिर परिसर में समाप्त हुई। रथयात्रा के स्वागत के लिए गलियों में जगह-जगह रंगोली सजाई गई और तोरण द्वार बनाए गए थे। वहीं आए हुए श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो इसके लिए जगह-जगह स्टाल लगाकर ठंडाई, शरबत, फल और अन्य सामग्री का प्रसाद के रूप में वितरण किया जा रहा था।
यात्रा में भगवान जगन्नाथ के रथ के साथ ही अन्य झांकियां शामिल थीं। जिनमें मुख्य रूप से शिव पार्वती, राधा कृष्ण, श्री राम लक्ष्मण, जानकी के अलावा भूत प्रेतों की टोली और नंदीगण विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं, यात्रा में शामिल महिलाएं, युवक, बाल वृद्ध सभी उत्साह के साथ नाचते गाते हुए चल रहे थे।
रथ यात्रा में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल लगाया गया था जो चप्पे चप्पे में तैनात था। वहीं, आयोजकों द्वारा गर्मी के मौसम को देखते हुए एवं भीड़ को नियंत्रित और यात्रा को व्यवस्थित रखने के लिए जगह जगह छायादार पंडाल लगाए गए थे। जहां शीतल जल, शरबत और फल वितरण किया जा रहा था। रथयात्रा में कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
मालूम हो कि मंदिर का निर्माण काल नवीं शताब्दी का बताया जाता है। मंदिर की मुख्य विशेषता यह है कि मानसूनी बारिश शुरू होने से एक सप्ताह पूर्व इसके गुंबद की छत पर लगे पत्थर से पानी की बूंदें टपकनी शुरू हो जाती हैं। उनके घनत्व के अनुसार ही स्थानीय लोग मानसूनी बारिश कम या ज्यादा होने की सटीक जानकारी प्राप्त करते हैं।
पुरातत्व विभाग के अधीन यह मंदिर दूर दूर तक विख्यात है। उड़ीसा जगन्नाथपुरी की तर्ज पर बेहंटा बुजुर्ग गांव में भी प्रतिवर्ष रथयात्रा निकाली जाती है। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि यह परंपरा काफी प्राचीन है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *