चिन्हीकरण किए गए क्षेत्र के किसान हुए खुश
रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की स्वीकृति मिलने के बाद गांवों के किसानों के मध्य हलचल तेज हो गई है। यह प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाइवे सदर एवं मौदहा तहसील के गांव के मध्य से गुजारा जाएगा। इसके लिए जमीन का चिन्हीकरण करके नंबरिंग का कार्य एनएचएआई पूर्ण कर चुकी है। स्वीकृत के बाद दो माह में किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है। एनएचएआई ने सदर तहसील के गांव रमेडीडांडा, मंझूपुर डांडा एवं दरिया, चंदौलीतीर, हेलापुर डांडा, कलौलीतीर, कीरतपुर, बरदहा सहजना दरिया, पारा ओझी, कुछेछा, महमूदपुर, पौथिया, दरियापुर, कुंडौरा, भकौल मौजा, रगौरा मौजा, बांकी, अमिरता, सुमेरपुर ग्रामीण, बबीना मौजा, बिलहडी, बांक, पलरा, इंगोहटा, विदोखर पुरई, विदोखर मेंदनी के मौजे से गुजारने का चिन्हीकरण किया है। इसी तरह मौदहा तहसील के अछरेला, बहरेला, रोहारी, पिपरौंदा, सिलौली, रतवा, भमौंरा, नरायच, कुसमेला, गहबरा, भवानी, चमर खन्ना, लरौंद, मकरांव, रतौली, किशनपुर, चकदहा, गडरिया खेड़ा मौजे से गुजरकर यह महोबा जनपद की सीमा में प्रवेश करेगा। इस ग्रीनफील्ड हाईवे से राठ हमीरपुर मार्ग, सुमेरपुर बांकी मार्ग, इंगोहटा छानी मार्ग, मौदहा पाटनपुर मार्ग, मौदहा बिंवार मार्ग, मौदहा मुस्कुरा मार्ग को जोड़कर विकास को गति देने का कार्य किया जाएगा। गांवो के मध्य से गुजरने वाले इस ग्रीन फील्ड हाईवे के बनने के बाद सदर एवं मौदहा तहसील के उक्त गांवो के विकास की उम्मीद बढी है। ग्रामीणों का मानना है कि हाईवे के बनने के बाद गांव में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही कृषि क्षेत्र में भी व्यापारिक अवसर मिलेंगे। इससे यहां का उत्पादन बढ़ेगा। इस ग्रीन फील्ड हाईवे के बन जाने से सबसे बड़ा फायदा कस्बे की उद्योग नगरी को मिलेगा। लखनऊ से सीधे मुंबई तक आवागमन सुगम होने के कारण यहां के उद्योगों के विकास की गति मिलेगी। इसके अलावा महोबा जनपद के स्टोन उद्योग तथा हमीरपुर के बालू खनन उद्योग को भी गति मिलेगी और सरकार के राजस्व को बढ़ावा मिलेगा।

