रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। शासन के तमाम आदेशों के बाद बेसहारा गोवंश अस्थाई गौशाला में बंद नहीं होने की बजाय सड़कों में घूम रहा है। इससे आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।
ब्लॉक क्षेत्र में सात हजार से अधिक बेसहारा गोवंश हैं। इनको संरक्षित करने के लिए प्रत्येक पंचायत में अस्थाई गौशाला बनी हुई है। शासन से एक गोवंश के भरण पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से धनराशि दी जा रही है। इसके अलावा चरवाहों, चौकीदारों को मानदेय देने का प्रावधान अलग से है। इतना सब कुछ होने के बाद यह सड़कों में धक्के खाते घूम रहे हैं। हाईवे सहित बांदा मार्ग एवं अन्य सभी मार्गों में शाम होते ही इनका जमावड़ा हो जाता है। इससे राहगीर आए दिन दुर्घटना का शिकार होते हैं और यह भी कभी-कभी जान से हाथ धो बैठते हैं।
पशु चिकित्सा अधिकारी डा. अंकुर सचान ने बताया कि सभी ग्राम प्रधान एवं सचिवों को 15 जुलाई तक प्रत्येक दशा में इनको संरक्षित कराने के आदेश दे दिए गए हैं। वह खुद पंचायतों में जाकर इनको संरक्षित कराने की कोशिश करेंगे।

