ग्रामीणों के अनर्गल विरोध से वृहद गौशाला का निर्माण प्रस्ताव अधर में फंसा


रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। करीब छह करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली वृहद गौशाला के निर्माण में ग्रामीणों ने लेखपाल के भड़काने पर अड़ंगा लगाना शुरू कर दिया है। इससे इस वृहद गौशाला का निर्माण खटाई में पड़ता हुआ नजर आने लगा है। लेकिन अभी अधिकारी प्रस्ताव कराने के लिए प्रयासरत है।
क्षेत्र पंचायत करीब छह करोड़ की लागत से 30 बीघा जमीन पर वृहद गौशाला का निर्माण कराकर किसानों को बेसहारा गोवंश से बड़ी राहत दिलाने की तैयारी में है। इसके लिए अतरैया गांव की करीब साढ़े तीन सौ बीघे ग्राम समाज की भूमि में से 30 बीघा भूमि लेने की तैयारी थी। लेकिन इस तैयारी में अंदर खाने यहां पर तैनात लेखपाल ने ग्रामीणों के भड़का कर अड़ंगा लगा दिया है। ग्रामीण ग्राम पंचायत सदस्यों पर प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं करने का दबाव बना रहे। इससे प्रस्ताव खटाई पर पड़ गया है। शनिवार को पंचायत भवन में हुई बैठक में कोरम पूर्ण नहीं होने पर बैठक को स्थगित करना पड़ा। ग्रामीणों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि यहां तैनात रहे लेखपाल ने कुछ ग्रामीणों से कृषि योग्य जमीन के पट्टे कराने के नाम पर मोटी रकम वसूल रखी है। लेखपाल ने गांव जाकर ग्रामीणों को उकसाया है कि वह किसी भी सूरत में प्रस्ताव नहीं होने दे, नहीं तो उनके पट्टे खटाई में पड़ जाएंगे। बस यही बात ग्रामीणों के मन में घर कर गई है, कि अगर गौशाला के लिए जमीन दे दी गई तो वह पट्टे से वंचित हो जाएंगे। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। गौशाला का निर्माण महज 30 बीघा में होना है। इसके बाद भी 300 बीघा से ज्यादा जमीन पंचायत के पास बचेगी। शनिवार को प्रस्ताव पास करने के लिए ब्लॉक प्रमुख जय नरायन सिंह यादव, खंड विकास अधिकारी विपिन कुमार,एडीओ पंचायत सुरेश कुमार, ग्राम पंचायत सदस्य पंचायत भवन में एकत्र हुए थे। लेकिन कोरम पूरा नहीं होने पर बैठक को स्थगित करके सोमवार को दोबारा बैठक बुलाई गई है। उम्मीद है कि सोमवार को बैठक में प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी। अगर किसी कारण से प्रस्ताव पारित नहीं होता है तो वृहद गौशाला का निर्माण अधर में फंस सकता है।

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