रियल मीडिया नेटवर्क
राठ हमीरपुर। नगर में ट्रैफिक व्यवस्था की बदहाल स्थिति एक बार फिर लोगों की परेशानी का कारण बनी। सोमवार को तेज बारिश के दौरान रामलीला मैदान क्षेत्र में भयंकर जाम लग गया, जिसमें राहगीरों के साथ-साथ स्कूल वैन, ऑटो और निजी वाहन घंटों तक फंसे रहे। जाम के कारण लोग भीगते रहे और कई बीमार तक पड़ गए, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।हमीरपुर/उरई-राठ-महोबा मार्ग — शहर के सबसे अधिक यातायात दबाव वाले हिस्सों में शामिल है। खासतौर पर उरई बस स्टैंड, अंबेडकर चौराहा, रामलीला मैदान और पड़ाव चौराहा पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। रामलीला मैदान से औडेरा और चरखारी मार्ग की ओर कई विद्यालय स्थित हैं, जिससे दोपहर के समय छात्र-छात्राओं से भरे वाहन इसी रास्ते से नगर के भीतर प्रवेश करते हैं। स्कूलों की छुट्टी के समय वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाता है।
मौके पर ट्रैफिक नियंत्रण की कोई प्रभावी व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जाम के बारे में कई बार पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया है। पुलिस उपाधीक्षक और प्रभारी निरीक्षक ने आज आश्वासन दिया है कि रामलीला मैदान पर एक उपनिरीक्षक और दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो गई है। जाम में फंसे लोगों को भीगते हुए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
बॉक्स—–चौड़ीकरण कार्य अधर में, जिम्मेदारों की चुप्पी
उरई बस स्टैंड से लेकर लोक निर्माण विभाग के अतिथिगृह तक 18 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण की योजना बनाई गई थी। टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और कुछ हिस्सों में कार्य आरंभ भी हुआ, लेकिन स्थायी अतिक्रमण हटाने के मामले में प्रशासनिक उदासीनता देखने को मिल रही है। स्थानीय सामाजिक संगठनों द्वारा कई बार अधिशासी अभियंता दृगपाल सिंह को ज्ञापन सौंपा गया, परंतु उनके द्वारा अतिक्रमणकारियों से कथित सांठगांठ और टालमटोल रवैये के चलते चौड़ीकरण का कार्य फिलहाल पूरी तरह ठप है। जनता के बीच यह भी नाराजगी है कि नगर के विकास से जुड़ी इस अहम समस्या पर जनप्रतिनिधि भी रहस्यमय चुप्पी साधे हुए हैं।

