पार्क समेत अनेक स्थलों पर अवैध कब्जों पर महापौर के तेवर कड़े,नगर आयुक्त से मांगा जवाब


रियल मीडिया नेटवर्क
कानपुर। नगर निगम मुख्यालय स्थित समिति कक्ष में महापौर द्वारा नगर आयुक्त, मुख्य अभियन्ता ‘‘सिविल’’ व अधिशाषी अभियन्ता, जोन-1,4 के साथ कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा निर्मित एवं नगर निगम कानपुर को हस्तानान्तरित द स्पोर्टस हब के गेट के बाहर विभिन्न समाचार पत्रों में दीवार गिराये जाने से सम्बन्धित खबर के सम्बन्ध में बैठक की गयी।
बैठक में महापौर द्वारा नगर आयुक्त से पूछा कि दीवार किसके द्वारा बनायी जा रही थी ? नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने अवगत कराया कि नगर निगम द्वारा दीवार नही बनायी जा रही थी। मुख्य अभियन्ता ‘‘सिविल’’ सैय्यद फरीद अख्तर जैदी ने भी अवगत कराया कि दीवार अभियन्त्रण विभाग द्वारा नहीं बनायी जा रही थी।
महापौर ने पूछा कि जब नगर निगम के धन से दीवार का निर्माण नहीं हो रहा था, तो मुकदमा कराये जाने की खबर आपके द्वारा अखबारों क्यों प्रकाशित करायी गयी ? महापौर ने नगर आयुक्त से कहा कि हमें 05 प्रश्नों के लिखित में उत्तर उपलब्ध करायें। 1. परशुराम वाटिका में राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त को निर्माण कार्य क्यों कराया जा रहा था। 2. यदि दीवार निर्माण कार्य नगर निगम द्वारा हो रहा था, तो कोई पत्रावली क्यों नही बनायी गयी ? 3. यदि संस्था भगवान परशुराम सर्वकल्याण सेवा समिति के लोगों द्वारा चोरी छिपे वहॉ कार्य कराया जा रहा था, तो उनके ऊपर कार्यवाही क्यों नही की गयी। 4. संस्था भगवान परशुराम सर्वकल्याण सेवा समिति के लेटर पैड पर सरकारी भूमि पर बना पार्क का पता लिखवाया है, इससे तो ये पार्क में कब्जा कर रहे है, इनके सभी लोगों पर मुकदमा लिखवाकर जॉच करें। 5. परशुराम वाटिका में बना कमरा संस्था भगवान परशुराम सर्वकल्याण सेवा समिति को किसके आदेश से उन्हें मिला है और किसके द्वारा कब्जा किया गया है ?
महापौर ने कहा परशुराम वाटिका में पूर्व से 04 गेट थे। परशुराम वाटिका एवं कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा निर्मित एवं नगर निगम को हस्तानान्तरित द स्पोर्टस हब एवं पालिका स्टेडियम सभी नगर निगम के ही है, टीएसएच कम्पनी किरायेदार है, संस्था भगवान परशुराम सर्वकल्याण सेवा समिति किस आधार दीवार गिराये जाने के प्रकरण पर पत्राचार कर रही है और मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रही है। यदि मुकदमा हो तो दोनों पर हो। उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली का स्पष्ट आदेश है पार्क में सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो सकता है, तो फिर परशुराम वाटिका में 15 अगस्त, 26 जनवरी एवं भगवान परशुराम जी तीन-चार दिन का जन्मोत्सव किसके आदेश से मनाया जाता है। ऐसा लगता है कि किशोरी वाटिका, साकेत नगर की तरह परशुराम वाटिका में भी दीवार बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। परशुराम वाटिका में सांसद देवेन्द्र सिंह ‘‘भोले’’ की निधि से निर्मित कमरा मालियों को अपने उपकरण रखने एवं धूप में आराम करने हेतु बनाया गया था, किन्तु भगवान परशुराम सर्वकल्याण सेवा समिति द्वारा अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया है। महापौर ने कहा कि अगली कार्यकारिणी समिति की बैठक में कानपुर नगर निगम के समस्त लगभग 1200 पार्को से कब्जा हटाये जाने हेतु प्रस्ताव पारित कराया जायेगा।

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