भरुआ सुमेरपुर। कस्बे में गैस का कोई संकट नहीं है। सप्ताह में एकाध दिन छोड़कर प्रतिदिन गाड़ी आ रही है। समस्या बुकिंग और ओटीपी को लेकर खड़ी हो रही है। इसी को लेकर वितरण में परेशानी हो रही है। फिलहाल डोर टु डोर सिलिंडर भेजने की प्रक्रिया रोक दी गई है। एजेंसी से ही एजेंसी संचालक अपनी देखरेख में वितरण करा रहे हैं। सिलेंडर का संकट खड़ा होने पर होटलों में भट्ठियां धधकने लगी हैं। लोग लकड़ी के गिट्टक इस्तेमाल कर रहे हैं।
कस्बे की एकमात्र गैस एजेंसी के संचालक अखिलेश पालीवाल ने बताया कि गैस का कोई संकट नहीं है। सप्ताह में एकाध दिन को छोड़कर प्रतिदिन गाड़ी आ रही है। यह कोई नई बात नहीं है पूर्व में भी ऐसा होता रहा है। समस्या बुकिंग और ओटीपी को लेकर खड़ी हो रही है। इसी वजह से डोर टु डोर सप्लाई रोक कर एजेंसी से ही अपनी देखरेख में वितरण करा रहे हैं ताकि ग्राहकों को शिकायत का मौका नहीं मिल सके। वहीं सिलिंडर का संकट होने से होटल संचालक भट्टी का सहारा लेने लगे हैं। रेलवे स्टेशन के बाहर होटल चलाने वाले बाबू गुप्ता ने बताया कि गैस सिलेंडर का संकट खड़ा होने के बाद उन्होंने पूर्व की तरह भट्टी जलानी शुरू कर दी है। इससे कारोबार भी प्रभावित नहीं हो रहा है।
