सभासदों के मनोनयन में दलितों, महिलाओं की अनदेखी से आक्रोश

भरुआ सुमेरपुर। कस्बे की नगर पंचायत में मनोनीत सभासदों की सूची से महिलाओं के साथ दलित गायब है जबकि कस्बे में दलितों की अच्छी खासी तादात है और बीजेपी दलित हितों का दंभ भर्ती है। इसके बाद इनको नजरअंदाज करके स्वर्णो को प्राथमिकता दी गई है। एक पिछड़े वर्ग को भी स्थान दिया गया है।
अर्से से लंबित चल रहे सभासदों के मनोनयन की सूची सोमवार को देर शाम जारी की गई। कस्बे की नगर पंचायत में तीन सभासद मनोनीत किए गए हैं। इनमें आदित्य अवस्थी एवं सुशील गुप्ता को सामान्य वर्ग से लिया गया है। पिछले वर्ग से श्याम धुरिया को मौका मिला है। सभासदों की सूची से दलित एवं महिला गायब हैं बता दें कि कस्बे में दलित समुदाय निर्णायक मतदाता है। सर्वाधिक संख्या जाटव वर्ग की है। महिलाये भी निर्णायक हैं परंतु मनोनयन में दोनों वर्गों को नजर अंदाज किया गया है। इससे अंदर खाने दोनों वर्गों में आक्रोश है। सामान्य वर्ग में से लिए गए दोनों लोग भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं और कई पदों में रहे हैं। श्याम धुरिया भी पार्टी के पदाधिकारी हैं और एक दशक से ज्यादा समय से पार्टी में सक्रिय हैं।

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