पंचायत में ‘करोड़ों का खेल’! लोकायुक्त की एंट्री से सत्ता में हड़कंप

जालौन
कदौरा नगर

ढाई साल में दौलत की बाढ़! कुर्सी मिलते ही करोड़ों की संपत्ति खड़ी?
लोकायुक्त का शिकंजा कसते ही गायब हुईं अध्यक्षा, अफसरों में हलचल तेज

कदौरा नगर पंचायत में कथित आय से अधिक संपत्ति का मामला अब बड़े घोटाले की शक्ल लेता जा रहा है। सभासद अंकित कुमार की शिकायत पर लोकायुक्त ने अध्यक्षा अर्चना शिवहरे और अवर अभियंता शिरोमणि सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से पूरे जिले की राजनीति और प्रशासनिक महकमे में भूचाल आ गया है।

आरोप है कि साधारण जीवन जीने वाला परिवार महज ढाई साल में करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया। आलीशान मकान, महंगी ज्वैलरी, स्कॉर्पियो, बुलेट और पट्टे की जमीन पर खड़ी दो मंजिला इमारत—सब कुछ सवालों के घेरे में है।

लोकायुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच साल के भीतर अर्जित हर छोटी-बड़ी संपत्ति का हिसाब मांगा है। बैंक खाते, एफडी, पीपीएफ, बीमा, शेयर, म्यूचुअल फंड, पोस्ट ऑफिस निवेश, गहने, वाहन से लेकर घर के डेकोरेशन और इलेक्ट्रॉनिक सामान तक की जांच हो रही है।

जिलाधिकारी के आदेश पर गठित टीम—अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), मुख्य कोषाधिकारी समेत कई अफसरों ने घंटों रिकॉर्ड खंगाले। हैरानी की बात यह रही कि बार-बार बुलाने के बावजूद अध्यक्षा जांच में पेश नहीं हुईं, जिससे अधिकारियों का पारा चढ़ गया।

उधर, अवर अभियंता शिरोमणि सिंह की संपत्तियों की भी बारीकी से जांच जारी है। जांच एजेंसियां यह खंगाल रही हैं कि आखिर इतनी संपत्ति का स्रोत क्या है।

अब बड़ा सवाल—क्या खुलेगा ‘काला खजाना’?
यह मामला अब जालौन में भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी जांच बनता जा रहा है। अगर आरोप साबित हुए, तो यह सत्ता के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण साबित होगा।

रिपोर्ट – राहुल पत्रकार

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