रियल मीडिया न्यूज नेटवर्क
उरई (जालौन)। हाल ही में हुई तेज बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने जनपद जालौन के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खड़ी फसलें बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। इसी बीच क्षेत्र के सांसद नारायण दास अहिरवार प्रभावित गांवों में पहुंचकर किसानों का हाल जाना और नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन किया। सांसद अहिरवार ने जालौन-गरौठा-भोगनीपुर लोकसभा क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में जाकर फसलों की स्थिति देखी और किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया। किसानों ने उन्हें बताया कि ओलावृष्टि के कारण गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं, जिससे उनकी सालभर की आय पर गंभीर असर पड़ा है। किसानों की समस्याएं सुनने के बाद सांसद ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह नुकसान सिर्फ फसलों का नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य का है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित किसानों की आवाज को शासन और प्रशासन तक पूरी मजबूती से पहुंचाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को संसद में उठाकर किसानों के लिए उचित और शीघ्र मुआवजा सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा। सांसद ने अधिकारियों से भी मांग की कि सर्वे कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए, ताकि वास्तविक पीड़ित किसानों को ही लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए। इस दौरान उनके साथ कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिनमें सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर,हरिओम उपाध्याय, रामपाल, जीवन प्रताप बाल्मीकि, महेश शिरोमणि रश्मि पाल और शैलेन्द्र श्रीवास्तव शामिल रहे। सभी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी। गांवों में पहुंचे जनप्रतिनिधियों से किसानों को कुछ राहत की उम्मीद जगी है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर मुआवजा मिल जाता है, तो वे आने वाली फसलों के लिए खुद को फिर से खड़ा कर पाएंगे।
ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों का जायजा लेने गांव-गांव पहुंचे सांसद, किसानों को त्वरित राहत का भरोसा
