रियल मीडिया न्यूज नेटवर्क
कुठौंद (जालौन)। कुठौंद थाना क्षेत्र के गांव आल में प्राकृतिक आपदा ने एक किसान की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने जहां खेतों में खड़ी फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया, वहीं इस नुकसान से आहत होकर एक बुजुर्ग किसान ने डाई पी ली। गनीमत रही कि समय पर ग्रामीणों ने उसे इलाज के लिए पहुँचा दिया। जिससे किसान की जान बच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम आल निवासी मौजीलाल 65 वर्ष पुत्र होरीलाल के पास लगभग 8 बीघा गेहूं की फसल थी। यह फसल ही उनके परिवार के लिए सालभर की आजीविका का मुख्य आधार थी। हाल ही में क्षेत्र व आसपास अचानक हुई बारिश और ओलों की मार ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। इससे मौजीलाल को काफी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह जब मौजी लाल अपने खेतों का जायजा लेने पहुंचे और बर्बादी का मंजर देखा तो वे गहरे सदमे में आ गए। मानसिक तनाव और निराशा के चलते उन्होंने खेत में ही डाई पी ली। कुछ ही देर में उनकी हालत बिगड़ने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रताप सिंह सहित गांव के अन्य लोगों ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तुरंत उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद पहुंचाया। चिकित्सकों ने समय रहते इलाज शुरू किया। जिससे उनकी जान बच गई। यह घटना क्षेत्र में किसानों की दयनीय स्थिति को उजागर करती है। प्राकृतिक आपदाओं के चलते किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिससे वे मानसिक रूप से भी टूट रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
ओला बारिश से चौपट फसल देख किसान ने पी डाई
