रियल मीडिया न्येज नेटवर्क
उरई(जालौन) । दैवीय आपदा से पीड़ित किसानों को शासन की ओर से भले ही मदद का भरोसा दिलाया जा रहा हो किसानों को इसका कोई खास फायदा नहीं हो रहा है। जिले का ही नहीं आसपास के जिलों का किसान भी ओलावृष्टि और अतिवर्षा से पीड़ित है। कुछ लोग तो नुकसान के कारण खुदकुशी भी कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में जिला हमीरपुर के सरीला थाना क्षेत्र अन्तर्ग ग्राम लोधीपुरा निवासी लखन सिंह राजपूत 50 वर्ष पिछले काफी सालों से उरई शहर के मोहल्ला इंदिरा नगर में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। जिन्होंने बुधवार देर शाम चूहे मार दवा खा ली। जिससे वह कुछ समय बाद अचेत हो गए। कुछ देर बाद उनको परिजन मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां रात साढ़े 9 बजे किसान लखन सिंह की मौत हो गई। मामले की जानकारी पर पुलिस ने उनके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के साढू हर्ष राजपूत ने बताया कि लखन की पत्नी हृदेश उर्फ ममता के नाम पर गांव लोधीपुरा थाना सरीला जिला हमीरपुर में 15 बीघा खेती है। जिसमें बीते दिनों लखन सिंह ने गेहूं की फसल की थी, जो चंद दिन पहले ओलावृष्टि होने से पूरी तरह बर्बाद हो गई। उसके बाद से ही लखन तनाव में चल रहे थे। इन दिनों लखन की बेटी रिंकी अपने बच्चे अंश के साथ घर आई हुई है और बुधवार शाम को लखन अपने नाती अंश को घूमने बाजार गए और वहां से आने के बाद अपने कमरे में जाकर चूहे मार दवा खा ली। काफी देर होने के बाद भी जब वह कमरे से वह बाहर नहीं आए, तब पत्नी और बेटी कमरे में गईं। वहां वह अचेत मिले। उनको मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।
ओलावृष्टि से पीड़ित किसान ने जहर खाकर की खुदकुशी, उरई शहर के इन्द्रानगर का मामला
