साइको किलर पुलिस मुठभेड़ में ढेर, 24 घंटे में किए थे तीन कत्ल

साइको किलर पुलिस मुठभेड़ में ढेर, 24 घंटे में किए थे तीन कत्ल

चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में 24 घंटे में तीन हत्याओं को अंजाम देने वाले साइको किलर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। रात करीब 11 बजे दरियापुर में सीन रीक्रिएशन के दौरान वह पुलिस की पिस्टल छीनकर भाग रहा था। आरोपी के सीने और पेट में दो गोलियां लगी हैं। इस दौरान एसआई और जीआरपी सिपाही घायल हुए हैं। डीआईजी वाराणसी रेंज वैभव कृष्ण के मुताबिक, अमृतसर के रहने वाले गुरप्रीत सिंह ने पहली वारदात रविवार सुबह 6.45 पर पैसेंजर ट्रेन में अंजाम दी थी। जिसमें आरोपी ने ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में चढ़कर गाजीपुर के रहने वाले 34 साल के मंगरू की हत्या कर दी थी। इसके बाद वो 10 मई की रात 1:30 बजे जम्मूतवी एक्सप्रेस में सवार हुआ और बिहार के गया के दिनेश साहू पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना के बाद वो पैदल घूमता रहा, सोमवार की सुबह करीब 7:30 बजे मुगलसराय के जीवक अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टर से इलाज कराने के लिए पर्ची बनवाई और उसके बाद वार्ड में घुस गया। वहां भर्ती महिला लक्ष्मीना देवी के सिर पर रिवॉल्वर रखकर गोली चला दी। वारदात के बाद भाग रहे आरोपी को वॉर्ड बॉय और बाकी लोगों ने पकड़कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया था। उसके पास से पुलिस ने लाइसेंसी रिवॉल्वर, डबल बैरल बंदूक और कारतूस बरामद किए थे। आरोपी ने तीन हत्याएं करने की बात कबूली थी। पूछताछ में सामने आया था कि गुरप्रीत सिंह ने 2021 में सेना की नौकरी छोड़ दी थी। 29 अप्रैल को नौकरी के लिए पंजाब से बिहार के आरा गया था। वहां शराब की लत के कारण उसे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी से निकाल दिया था। वह 9 मई को ट्रेन से प्रयागराज गया और फिर चंदौली आ गया। चंदौली के पीडीडीयू नगर के अलीनगर थाना इलाके के कमलापुर स्थित एक निजी अस्पताल के वार्ड में भर्ती लक्ष्मीना (56) की सोमवार की सुबह लगभग सात बजे आरोपी गुरप्रीत ने गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने महिला के सिर में गोली मारी थी। इसके बाद आरोपी मौके से भागने लगा। लोगों ने पीछा करना शुरू कर दिया। ऑटो चालक ने आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी के दोनों हाथों में असलहा था। भीड़ ने आरोपी गुरप्रीत की पिटाई कर दी। सूचना पर पुलिस अधीक्षक, सीओ और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस आरोपी को थाने ले गई। लक्ष्मीना के पुत्र की तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। बिहार प्रांत के कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के बढ़ौना गांव की लक्ष्मीना देवी के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। बेटे भूपेंद्र कुमार ने उन्हें जीवक आयुर्वेदिक एंड रिसर्च सेंटर में 5 मई को शाम तीन बजे भर्ती कराया था। पैर के ऑपरेशन के बाद लक्ष्मीना को वार्ड नंबर एक के बेड नंबर चार पर भर्ती कराया गया था। भूपेंद्र ने बताया कि सोमवार की सुबह सात बजे एक युवक सिर पर गमछा बांधे आया, जब तक वह कुछ समझ पाते तब तक युवक ने झोले से रिवाल्वर निकाल कर मां को गोली मार दी। भागते समय हत्यारोपी ने अस्पताल में भी एक फायर किया। अस्पताल के बाहर निकलते ही लोगों ने उसे दौड़ा लिया। लोगों ने आरोपी पर पत्थर भी चलाए। भागते हुए आरोपी पास में नहर के पास पहुंचा, जहां एक बाइक खड़ी थी। उसे लेकर भागने की कोशिश की तब तक वहां से गुजर रहे एक ऑटो चालक ने उसको पकड़ने की कोशिश की। आरोपी ने दोनों असलहे तान दिए। किसी प्रकार ऑटो चालक ने उसको पकड़ लिया।
हत्या-2
पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से वाराणसी जा रही जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन के एस-2 कोच में रविवार की रात 2 बजे बिहार के दिनेश साहू (45) की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। अन्य यात्रियों के अनुसार, आरोपी गुरप्रीत सिंह व्यास नगर स्टेशन के समीप चलती ट्रेन से उतर कर भाग गया। 24 घंटे के भीतर चलती ट्रेन में दो यात्रियों की हत्याओं ने रेल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनेश अपने रिश्तेदारों के साथ नैमिषारण्य जा रहे थे। दिनेश के पास जनरल टिकट था।डाउन हावड़ा-जम्मूतवी एक्सप्रेस रविवार की रात 2 बजे प्लेटफॉर्म संख्या 6 से खुली। ट्रेन के एस-2 कोच में आरोपी गुरप्रीत सिंह पहुंचा और गेट के पास बैठे दिनेश साहू पुत्र रामवृक्ष साहू निवासी पिपरिया, बारा चट्टी गया बिहार से बहस करने लगा। बात बढ़ी तो उसने रिवाल्वर निकाल कर कनपटी में सटा कर ट्रिगर दबा दिया। इससे दिनेश साहू की मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि उसने कई फायर भी किए। इससे ट्रेन के यात्रियों में खौफ का माहौल हो गया। वाराणसी पहुंचने पर जीआरपी ने शव को ट्रेन से उतारा। दिनेश अपने रिश्तेदारों के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमों का गठन किया गया है।
हत्या-3
पं. दीनदयाल उपाध्याय से दिलदारनगर होते हुए ताड़ीघाट जा रही पैसेंजर ट्रेन में रविवार की सुबह आरोपी गुरप्रीत सिंह ने पहली वारदात को अंजाम दिया। रविवार सुबह 6.45 बजे आरोपी ने ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में चढ़कर गाजीपुर के रहने वाले 34 साल के मंगरू की हत्या कर दी थी। घटना कुचमन और सकलडीहा रेलवे स्टेशन के बीच हुई। हत्या के बाद बदमाश ने मृतक का शव ट्रेन से नीचे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। सकलडीहा रेलवे स्टेशन के पूर्व ट्रेन की धीमी गति का फायदा उठाकर आरोपी ट्रेन से उतरकर भाग गया। जीआरपी ने मृतक की पहचान मंगरू (34) पुत्र दूधनाथ, निवासी चौधरी मोहल्ला, जिला गाजीपुर के रूप में की है। सोमवार की सुबह जीवक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचे आरोपी गुरप्रीत ने गार्ड को बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं हैं। उसे चिकित्सक को दिखाना है। काउंटर पर फीस जमा कर उसने पर्चा बनवाया। पर्चे में अपना नाम विजेंद्र निवासी अंबाला लिखवाया। वार्ड बॉय ने उसका बीपी और पल्स नापी। पर्चे पर बीपी 130/80 लिखा था, जो सामान्य बताया जाता है। पल्स रेट 109 लिखा था जो कि सामान्य से अधिक माना जाता है। चिकित्सक ने उसको गैस के अलावा कुछ एंटीबायोटिक और ताकत की दवाएं लिखीं। चिकित्सक को दिखाने के बाद गुरप्रीत सीढ़ियों से ऊपर जाने लगा। वहां मौजूद लोगों ने रोकने का प्रयास किया तो उसने वार्ड में भर्ती बिहार की लक्ष्मीना (56) के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। राजकीय महिला चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके चतुर्वेदी ने बताया कि यदि बीपी सामान्य हो और पल्स रेट 100 से अधिक हो तो इसे एंग्जायटी डिसऑर्डर कहा जाता है। जिले में 24 घंटे में हुई तीनों हत्याओं में एक समानता रही। आरोपी ने तीनों के सिर में ही गोली मारी थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सिर में गोली मारने का सिर्फ एक मकसद था कि जिसको गोली लगे, उसकी मौत हो जाए। 24 घंटे में 3 लोगों की हत्या का आरोपी गुरप्रीत सिंह सोमवार की रात 11 बजे कुचमन रेलवे स्टेशन के पास हुई मुठभेड़ में मारा गया। एसआई सतीश सिंह और जीआरपी सिपाही मनोज यादव के पैर में गोली लगी, घायलों का इलाज चल रहा है। चंदौली एसपी आकाश पटेल ने बताया कि पूछताछ में गुरप्रीत ने 3 लोगों की हत्या की बात स्वीकारी। ट्रेन में हुई घटनाओं के सीन रीक्रिएशन के लिए पीडीडीयू जंक्शन ले जाया गया। जहां आरोपी द्वारा घटनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। आरोपी को थाना सकलडीहा क्षेत्र में उस स्थान पर ले जाया गया, जहां प्रथम घटना के मृतक का शव मिला था तथा जहां से आरोपी भागा था। रात करीब 11:00 बजे कुचमन रेलवे स्टेशन के पास गुरप्रीत ने जफरपुर चौकी इंचार्ज सतीश सिंह का पिस्तौल छीन ली। फायरिंग करते हुए भागने लगा। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गुरप्रीत के सीने और पेट में दो गोलियां लगीं।
वैभव कृष्ण, डीआईजी, वाराणसी रेंज ने बतया कि देर रात वह सीन रीक्रिएशन के दौरान पिस्टल छीनकर भाग रहा था। तब उसे गोली लगी। साइको किलिंग के एंगल से पुलिस जांच कर रही है। कहीं और भी घटना की है तो उसकी भी जानकारी जुटा रहे हैं। उसके पास से हथियार बरामद हुए थे।

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