दहेज में मोटरसाइकिल न देने पर की मारपीट, महाराष्ट्र में उपचार के दौरान बहू की मौत – पीड़ित पिता ने महिला आयोग से मांगी मदद

दहेज में मोटरसाइकिल न देने पर की मारपीट, महाराष्ट्र में उपचार के दौरान बहू की मौत

राहुल कुमार
उरई जालौन। दहेज में मोटरसाइकिल न दे पाने के कारण एक विवाहिता को ससुराल पक्ष द्वारा लगातार प्रताड़ित किया गया। मारपीट के बाद हालत बिगड़ने पर उसे महाराष्ट्र ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़ित पिता ने बेटी की मौत के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य से न्याय की गुहार लगाई है। यह मामला जनपद जालौन के थाना कुठौंद क्षेत्र के ग्राम बरियापुर का है। पीड़ित संतोष चौधरी पुत्र सतीश चंद्र चौधरी, निवासी ग्राम बरियापुर, थाना कुठौंद, हाल निवासी प्रकाश नगर अम्बरनाथ, जिला ठाणे, महाराष्ट्र ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री हिना की शादी 20 नवंबर 2025 को जालौनी माता मंदिर, जालौन में ग्राम धनौली, थाना जालौन निवासी सोनू पुत्र संतोष भास्कर के साथ बड़े धूमधाम से की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल पक्ष ने दहेज में मोटरसाइकिल की मांग शुरू कर दी। संतोष ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण जब वे मांग पूरी नहीं कर सके तो बेटी को प्रताड़ित किया जाने लगा। शिकायती पत्र में संतोष ने बताया कि 20 नवंबर 2025 से 14 जून 2026 तक बेटी हिना के साथ पति सोनू संतोष भास्कर उम्र 36 वर्ष, देवर धर्मेंद्र संतोष भास्कर उम्र 30 वर्ष, देवरानी राखी धर्मेंद्र भास्कर उम्र 27 वर्ष, सास जानवती संतोष भास्कर उम्र 55 वर्ष और ससुर संतोष भजनलाल भास्कर उम्र 58 वर्ष ने मिलकर मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। सुराल वाले कहते थे “पहली वाली के साथ जैसा किया था वैसा ही तुम्हारे साथ होगा”। जनवरी 2026 में हिना प्रताड़ना से तंग आकर मायके आ गई थी। तब गांव में पंचायत हुई और समझाने के बाद उसे ससुराल भेजा गया। मार्च 2026 में संतोष बेटी के साथ जालौन कोतवाली भी पहुंचे थे। वहां पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराया और हिना को 1 महीने के लिए मायके भेज दिया गया। अप्रैल में ससुराल वाले फिर उसे ले गए और दोबारा मारपीट न करने का वादा किया। 14 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजे पति सोनू और देवर धर्मेंद्र हिना को महाराष्ट्र के प्रकाश नगर अम्बरनाथ ले आए। शाम को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे उल्हासनगर के केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। संतोष का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों और पुलिस के पूछने पर पति सोनू ने झूठा बयान दिया कि “हिना बाथरूम में गिर गई थी”। कागजों पर हस्ताक्षर कर सोनू और धर्मेंद्र वहां से चले गए। हिना ने पिता को बताया कि “ससुर, सास, पति, देवर और देवरानी ने मुझे लाठी से पीटा है। इसी कारण मेरे हाथों और पैरों में चोटें आई हैं”। 22 जून 2026 को शाम 4 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया। लेकिन रात करीब 10 बजे फिर तबीयत खराब होने पर उसे दोबारा उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 23 जून 2026 को शाम 6:20 बजे हिना की मृत्यु हो गई। 24 जून को उल्हासनगर के केंद्रीय अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ और उसी दिन श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद पीड़ित पिता ने 25 जून 2026 को महाराष्ट्र के शिवाजीनगर थाना, जिला ठाणे में जीरो संख्या पर FIR दर्ज कराई। अब उन्होंने मांग की है कि इस जीरो FIR को जालौन कोतवाली में ट्रांसफर कर ससुराल पक्ष के 5 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पीड़ित परिवार 28 जुलाई 2026 को हाथ में शिकायती पत्र लेकर राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अनुपमा सिंह लोधी से मिला। साथ में मृतका की मां और बहन भी मौजूद रहीं। संतोष चौधरी ने कहा “मेरी बेटी की हत्या ससुराल वालों की मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के कारण हुई है। मुझे न्याय चाहिए”। इस संबंध में जालौन पुलिस का कहना है कि महिला आयोग से प्राप्त शिकायती पत्र की जांच की जा रही है। महाराष्ट्र पुलिस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।

  1. सोनू संतोष भास्कर – पति
  2. धर्मेंद्र संतोष भास्कर – देवर
  3. राखी धर्मेंद्र भास्कर – देवरानी
  4. जानवती संतोष भास्कर – सास
  5. संतोष भजनलाल भास्कर – ससुर
    निवासी: ग्राम धनौली, थाना जालौन, जिला जालौन

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