कृष्ण कुमार द्विवेदी।
महोबा।। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब सिर्फ दूसरी कक्षा तक ही नहीं,बल्कि प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों को ‘निपुण भारत मिशन’ के दायरे में शामिल किया जाएगा। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही प्रत्येक कक्षा के लिए विषयवार और कक्षावार सीखने के स्पष्ट लक्ष्य भी निर्धारित कर दिए गए हैं, ताकि हर बच्चा अपनी उम्र और कक्षा के अनुरूप पढ़ने, लिखने, गणित हल करने और समझ विकसित करने में सक्षम बन सके।
इस फैसले का सीधा लाभ महोबा ,हमीरपुर, बांदा सहित पूरे चित्रकूट धाम मंडल के एक से पांच तक संचालित 2,983 परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत 2 लाख 99 हजार 535 विद्यार्थियों को मिलेगा। अब मिशन का उद्देश्य केवल शुरुआती कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि पांचवीं तक प्रत्येक विद्यार्थी की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार की नई व्यवस्था के तहत बच्चों की सीखने की क्षमता का नियमित ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाएगा। यदि कोई छात्र इस मूल्यांकन में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करता है तो उसे ‘निपुण विद्यार्थी’ माना जाएगा। वहीं जब किसी विद्यालय के 80 प्रतिशत बच्चे निपुण घोषित हो जाएंगे,तब उस विद्यालय को ‘निपुण स्कूल’ का दर्जा मिलेगा।
नई गाइडलाइन के अनुसार अब तीसरी,चौथी और पांचवीं कक्षा के लिए भी स्पष्ट अधिगम लक्ष्य तय किए गए हैं।
चित्रकूट धाम मंडल में कुल 4,788 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं,जिनमें से 2,983 विद्यालय कक्षा एक से पांच तक संचालित हो रहे हैं। इन्हीं विद्यालयों के विद्यार्थियों को इस विस्तारित मिशन का लाभ मिलेगा।
चित्रकूट धाम मंडल की एडी बेसिक रती वर्मा ने बताया कि “जब किसी विद्यालय के 80 प्रतिशत बच्चे निपुण हो जाते हैं तो उसे निपुण स्कूल घोषित किया जाता है। निपुण भारत मिशन का विस्तार करते हुए अब इसे प्री-प्राइमरी से कक्षा पांच तक लागू कर दिया गया है।
बदल जायेगी ‘स्कूलों की तस्वीर’: मंडल के तीन लाख बच्चों पर निपुण भारत मिशन लागू हुआ ‘नया नियम’।
