प्रवीण शोध संस्थान ने वरिष्ठ पत्रकार सत्य प्रकाश त्रिपाठी को “प्रवीण पत्रकार सम्मान” से नवाजा


युवा पीढ़ी को नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की सीख देने पर दिया जोर

कानपुर।प्रवीण शोध संस्थान द्वारा गुरुवार को कानपुर प्रेस क्लब में आयोजित समारोह में वरिष्ठ पत्रकार सत्य प्रकाश त्रिपाठी को वर्ष 2026 का “प्रवीण पत्रकार सम्मान” प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कानपुर की मेयर श्रीमती प्रमिला पांडे थीं जिन्होंने श्री त्रिपाठी को साल, मुमेंटो और सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन मुकेश श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर “समकालीन सामाजिक-राजनैतिक परिदृश्य, वैश्विक चुनौतियां और युवा पीढ़ी” विषय पर एक गोष्ठी भी आयोजित की गई। गोष्ठी में वक्ताओं ने देश की युवा पीढ़ी के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा ने श्री त्रिपाठी की सज्जनता और विद्वता की सराहना की। उन्होंने नए पत्रकारों को श्री त्रिपाठी के पदचिह्नों पर चलने के लिए प्रेरित किया। श्री शर्मा ने बताया कि श्री त्रिपाठी जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन में लगभग 17 वर्ष तक डायरेक्टर रहे हैं। उनके सैकड़ों शिष्य आज देशभर में पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि श्री त्रिपाठी की पत्रकारिता की शैली हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. हरिशंकर खंडेलकर ने कहा कि आज देश की युवा पीढ़ी के सामने सबसे बड़ी चुनौती संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ, जातिवाद और धार्मिक विभाजन है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राष्ट्रहित की जगह अपनी मुट्ठी तक करने में लगे हैं। वर्तमान दौर में समाज को बांटकर राजनीति लाभ लेने की कोशिशें हो रही हैं, जिन्हें रोकना जरूरी है।
पी. दीक्षित ने कहा कि विदेशी फंडिंग और देश विरोधी एजेंडे के तहत चलने वाले अभियानों को पहचानना जरूरी है, क्योंकि इनका उद्देश्य युवाओं को भ्रमित कर अपने संकीर्ण स्वार्थ सिद्ध करना है।
डॉ. अवधेश कुमार दीक्षित ने कहा कि युवावस्था में चरित्र निर्माण के लिए नैतिक मूल्यों की शिक्षा अनिवार्य है। विद्यालयों में सामूहिक प्रार्थना और प्रेरणादायी माध्यमों से चरित्र निर्माण पर बल दिया जाना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक, कानपुर मंडल मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि देश की शिक्षा पद्धति भारतीय संस्कृति के अनुरूप होनी चाहिए, जिसका मूल आधार “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “विश्व बंधुत्व” है। यह भाव किसी संप्रदाय का विरोधी नहीं है, बल्कि सबको साथ लेकर चलने की सीख देता है।
वक्ताओं ने आह्वान किया कि राजनीतिक दल जाति-धर्म के आधार पर बांटने वाले पुराने हथकंडे छोड़कर अज्ञानता, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ तथा विकासोन्मुख नीतियों पर केंद्रित हों।
कार्यक्रम में विनय श्रीवास्तव, दीपक सिंह यादव, सचिन पांडे, कुमार त्रिपाठी, कवि श्रवण शुक्ला सहित शहर के गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवी और पत्रकार उपस्थित रहे। सभी ने युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए संगठित होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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