पीएसी पुलिस बल गोताखोर टीम तलाश में जुटी
शुक्रवार दोपहर भैंसें चराने के लिए घर से निकला था पशुपालक
भरुआ सुमेरपुर। थानाक्षेत्र के मौहर गांव निवासी एक पशुपालक शुक्रवार को चंद्रावल नदी में डूब गया। देर शाम तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। नदी किनारे उसके कपड़े मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की सूचना पर शनिवार को पीएसी पुलिस बल की गोताखोर टीम मौके पर पहुंच कर पशुपालक की तलाश शुरू कर दी है।
मौहर गांव निवासी रामबाबू ने बताया कि उसके पिता भगवानदीन (55) शुक्रवार को भैंसें चराने के लिए चंद्रावल नदी के किनारे गए थे। वह नदी से कुछ दूरी पर पेड़ की छाया में बैठ गए। इसी दौरान भैंसें नदी पार कर दूसरी ओर चली गईं। भैंसों को दिखाई न देने पर भगवानदीन कपड़े उतारकर उन्हें तलाशने के लिए नदी पार करने लगे। इसी दौरान तेज बहाव में वह नदी में डूब गए।
शाम तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। नदी किनारे उनके कपड़े मिले। शनिवार सुबह भैंसें अपने आप घर पहुंच गईं, लेकिन भगवानदीन के वापस न आने पर परिजनों ने कैथी चौकी प्रभारी राजवीर सिंह और थाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू की, लेकिन नदी के तेज बहाव के चलते सफलता नहीं मिली। थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने बताया कि पशुपालक की तलाश के लिए मुख्यालय से पीएसी पुलिस बल के गोताखोरों की टीम बुलाई गई है। मौके पर पहुंची गोताखोर टीम मौहर से कैथी के मध्य उसकी तलाश में जुटी है। लेकिन नदी में बाढ़ एवं तेज बहाव के चलते पशु पालक की तलाश में समस्या आ रही है और 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पशुपालक का पता नहीं चल सका।

