राहुल कुमार
जालौन। जिलाधिकारी समीर ने बताया कि मुख्य सचिव महोदय, उ०प्र० शासन, लखनऊ के शासनादेश दिनांक 05.09.2024 के द्वारा मा० सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन संख्या-13029/1985 एम०सी० मेहता बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया व अन्य एवं मा० राष्ट्रीय हरित अधिकरण में ओरिजनल अप्लीकेशन नं०-666/2018 श्रीमती गंगा ललवानी बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया व अन्य के संबंध में निर्गत आदेशों के अनुपालन में फसल अवशेष जलाये जाने से हो रहे वायु प्रदूषण की रोकथाम हेतु जनपद स्तर पर एक सेल गठित करते हुये प्रत्येक दिन अनुश्रवण किये जाने एवं प्रत्येक गांव के ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय लेखपाल को किसी भी दशा में अपने से संबंधित क्षेत्र में पराली/कृषि अपशिष्ट न जलाये जाने हेतु कार्यवाही किये जाने के साथ ही कृषकों के मध्य पराली जलाये जाने से मिट्टी, जलवायु एवं मानव स्वास्थ्य को होने वाली हानि से अवगत कराने एवं जिन कृषकों द्वारा पराली जलाये जाने की घटना सामने आती है के विरूद्ध विधिक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद स्तर पर पूर्व से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में अनुश्रवण सेल गठित है। जिसमें अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अध्यक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक सदस्य, उप कृषि निदेशक सदस्य/सचिव, जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य, जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य है। उपरोक्तानुसार गठित सेल से सम्बन्धित अभिलेखीय कार्यवाही एवं दायित्वों का निर्वहन उप कृषि निदेशक / सचिव करेंगे। उक्त गठित सेल धान, अन्य फसलों के काटने के समय से लेकर रबी में गेहूँ की बुवाई तक प्रतिदिन फसल अवशेष जलाने की घटनाओं एवं इसकी रोकथाम के लिये की गयी कार्यवाही की समीक्षा करते हुये प्रत्येक कार्य दिवस की रिपोर्ट कृषि निदेशालय, उ०प्र० तथा मुख्य सचिव कार्यालय स्तर पर गठित अनुश्रवण सेल को ई-मेल jdaengg2013@gmail.com पर प्रेषित करेगा। उन्होंने बताया कि तहसील उरई में दस्ता प्रभारी उपजिलाधिकारी उरई, पुलिस विभाग से क्षेत्राधिकारी उरई, कृषि विभाग से जिला कृषि अधिकारी, श्रीप्रकाश व०प्रा०सहा०ग्रुप-बी, तहसील कालपी में दस्ता प्रभारी उपजिलाधिकारी कालपी, क्षेत्राधिकारी कालपी, उप निदेशक उ०प्र० राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था उरई, मुन्नेद्र कुमार शर्मा, तहसील कोंच में दस्ता प्रभारी उपजिलाधिकारी कोंच, क्षेत्राधिकारी कोंच, भूमि संरक्षण अधिकारी डी०पी०ए०पी० उरई, संजीव कुमार, तहसील जालौन में दस्ता प्रभारी उपजिलाधिकारी जालौन, क्षेत्राधिकारी जालौन, भूमि संरक्षण अधिकारी रा.ज. जालौन द्वितीय, शोभाराम, तहसील माधौगढ़ में दस्ता प्रभारी उपजिलाधिकारी माधौगढ़, क्षेत्राधिकारी माधौगढ़, भूमि संरक्षण अधिकारी रा०ज० जालौन प्रथम, अंगद सिंह को नामित किया गया है। उपरोक्त गठित उड़नदस्ते किसी भी स्थिति में धान पराली एवं अन्य कृषि अपशिष्ट न जलाये जाये, इस हेतु प्रत्येक तहसील एवं विकासखण्ड के समस्त लेखपाल एवं ग्राम प्रधानों को सम्मिलित करते हुये एक व्हाट्स ऐप ग्रुप बनाया जाये। यदि उस क्षेत्र में कहीं भी फसल अवशेष जलाये जाने की घटना होती है तो सम्बन्धित लेखपाल एवं ग्राम प्रधान व्हाट्सऐप ग्रुप एवं दूरभाष के माध्यम से सम्बन्धित तहसील स्तर पर गठित उड़नदस्ते को तत्काल सूचना देंगे। पराली/कृषि अपशिष्ट जलाये जाने की घटना पाए जाने पर राजस्व अनुभाग-10 के शासनादेश संख्या 1618/1-9-2017 के अनुसार क्षतिपूर्ति की वसूली एवं पुनरावृत्ति होने पर अर्थदण्ड की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। प्रत्येक गांव के ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय लेखपाल को निर्देशित किया गया है कि किसी भी दशा में अपने क्षेत्र में पराली न जलने दी जाये। कृषि अवशेष जलाने की घटना प्रकाश में आने पर सम्बन्धित लेखपाल जिम्मेदार होगे। गौ आश्रय स्थलों पर कृषि अपशिष्ट/पराली की आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाये ताकि पराली का समुचित उपयोग हो सकें। इसके लिए ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिव उत्तरदायी होंगे। इन-सीटू क्राप रेजीड्यू मैनेजमेन्ट की दृष्टि से कृषकों को वितरित उपकरणों तथा फार्म मशीनरी बैंक में उपलब्ध उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित कराया जाये तथा पराली विघटक के माध्यम से पराली का स्थल पर विघटन सुनिश्चित कराया जाये। जनपद स्तर पर पराली जलाने की रोकथाम हेतु फसल कटाई के दौरान प्रयोग की जाने वाली कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम अथवा स्ट्रा रीपर अथवा स्ट्रा रैक एवं बेलर का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
जालौन में पराली जलाई तो लगेगा जुर्माना! डीएम का सख्त फरमान, हर तहसील में बना उड़नदस्ता, लेखपाल- होंगे जिम्मेदार
