लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे सर्वेक्षणों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवादी मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए धनबल का दुरुपयोग कर पार्टी के खिलाफ फर्जी और ध्यान भटकाने वाले सर्वे का प्रचार किया जा रहा है। मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी अच्छे और दमदार उम्मीदवारों के चयन के साथ जमीनी तैयारियों में जुटी है। इसी बीच बीएसपी को निशाना बनाकर कथित तौर पर भ्रामक सर्वेक्षणों का प्रचार किया जा रहा है, जो दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। मायावती ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बीएसपी के खिलाफ मिथ्या प्रचार किया जाता रहा है और प्रायोजित सर्वेक्षणों में पार्टी की स्थिति को कम करके आंका जाता है। उन्होंने वर्ष 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी पार्टी को लेकर ऐसे ही कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन बीएसपी ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा कि उस सरकार के दौरान कानून का राज स्थापित करने और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना के अनुरूप काम करने पर जोर दिया गया था। बीएसपी प्रमुख ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और भाजपा की सरकारों से असंतुष्ट लोगों, खासकर बहुजन समाज के लोगों से विरोधी दलों और अन्य तत्वों के कथित दुष्प्रचार से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। मायावती ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य उनके नेतृत्व में पांचवीं बार उत्तर प्रदेश में बीएसपी की सरकार बनाना है। इसके लिए उम्मीदवारों के चयन और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
मायावती बोलीं- 2007 में भी पार्टी को कम करके आंका गया था, बीएसपी के खिलाफ फेक सर्वे का प्रचार हो रहा
