सेवा और समर्पण की भावना से समाज निर्माण संभव — प्रधानाचार्य शुभम त्रिपाठी

कृष्ण कुमार द्विवेदी

महोबा। समाज सेवा को निस्वार्थ भाव, समर्पण और संकल्प के साथ करना आज अत्यंत कठिन कार्य हो गया है। ऐसे समय में विद्यार्थियों और युवाओं के बीच भारतीय संस्कृति, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना जागृत करना समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह बात पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज रिवई, चरखारी के प्रधानाचार्य श्री शुभम त्रिपाठी ने विद्यालय में आयोजित सेवा एवं समर्पण विषयक संगोष्ठी में कही।विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य शुभम त्रिपाठी ने की, जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र के समाजसेवी श्री संतोष गंगेले कर्मयोगी, नौगांव बुंदेलखंड मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक श्री अभिषेक सोनी ने किया।दोपहर भोजन के समय विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी ने भारतीय संस्कृति एवं संस्कार, मानसिक स्वास्थ्य नशा मुक्ति नैतिक मूल्य, अनुशासन, व्यवहारिक जीवन, सेवा भावना तथा सामाजिक दायित्व जैसे विषयों पर प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों से युक्त जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा की तैयारी के साथ समय का सदुपयोग करने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने तथा समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने के लिए प्रेरित किया।प्रधानाचार्य श्री शुभम त्रिपाठी ने कहा कि आज समाज को ऐसे निस्वार्थ सेवाभावी व्यक्तित्वों की आवश्यकता है, जो बिना किसी स्वार्थ के युवाओं और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष की आयु में भी संतोष गंगेले कर्मयोगी द्वारा बुंदेलखंड क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर हजारों विद्यार्थियों एवं युवाओं को संस्कार, शिक्षा, नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता और जीवन मूल्यों का संदेश देना प्रेरणादायी है। विद्यालय परिवार ने उनके सामाजिक कार्यों और सेवा-समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया।बालिकाओं को दिलाया लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प इसके बाद राजकीय हाई स्कूल सूपा, तहसील चरखारी में बालिकाओं के बीच बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नारी शक्ति, नशामुक्ति अभियान तथा सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा विषयों पर संगोष्ठी आयोजित की गई।मुख्य वक्ता संतोष गंगेले कर्मयोगी ने छात्राओं को प्रेरणादायी एवं नैतिक कहानियों के माध्यम से जीवन के संघर्षों और चुनौतियों को समझाया। उन्होंने कहा कि बेटियां समाज और राष्ट्र की शक्ति हैं। शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ प्रत्येक बालिका अपने जीवन में बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकती है। उन्होंने छात्राओं को नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया।विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती रिंकी देवी सहित आरती पांडे, आशा भारती, रितु देवी, हेमंत कुमार पाठक, अंकित पाठक, पूरनलाल एवं प्रांशु राजपूत ने समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी द्वारा विद्यार्थियों को दिए गए मार्गदर्शन की सराहना की तथा भविष्य में भी विद्यालय में ऐसी प्रेरणादायी संगोष्ठियों के आयोजन का आग्रह किया।आईटीआई विद्यार्थियों को दिया जनसेवा और नशामुक्ति का संदेशऔद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), चरखारी में भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए नशामुक्ति, वाहन दुर्घटना से बचाव, सड़क सुरक्षा, जनसेवा एवं जनकल्याण विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में श्री शुभम मिश्रा की उपस्थिति रही।समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ जीवन में अनुशासन, संस्कार, जिम्मेदारी और सेवा भावना होना भी आवश्यक है। युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।संस्था के प्रभारी श्री तिवारी जी ने संतोष गंगेले कर्मयोगी के सामाजिक कार्यों, त्याग, सेवा और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के बीच ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रम उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।पूरे कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति, संस्कार, शिक्षा, अनुशासन, नशामुक्ति, नारी सम्मान, सड़क सुरक्षा और समाज सेवा का संदेश प्रमुखता से दिया गया। विद्यार्थियों एवं छात्राओं ने समाजहित में कार्य करने और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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