जन अधिकार पार्टी की राष्ट्रीय मुख्य महासचिव हैं डॉ. संतोष, गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने की चर्चाओं से बढ़ी राजनीतिक हलचल
जगदीश श्रीवास्तव।
राठ हमीरपुर। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच राठ निवासी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष राजपूत का नाम पड़ोसी महोबा जिले की चरखारी विधानसभा सीट के संभावित दावेदारों में चर्चा में है। जन अधिकार पार्टी की राष्ट्रीय मुख्य महासचिव डॉ. संतोष के चुनाव मैदान में उतरने की संभावना को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।डॉ. संतोष राजपूत लंबे समय से राठ में बृजरानी नर्सिंग होम का संचालन कर चिकित्सा सेवाएं दे रही हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने क्षेत्र की महिलाओं और प्रसूताओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई है। चिकित्सा क्षेत्र में सक्रियता के साथ-साथ वह सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी भागीदारी करती रही हैं।बाबू सिंह कुशवाहा से परिवार के पुराने संबंध!डॉ. संतोष राजपूत के परिवार के जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जौनपुर के सांसद बाबू सिंह कुशवाहा से पुराने और निकट संबंध बताए जाते हैं। उनके श्वसुर धनपत सिंह कृषि विभाग में उच्च पद पर कार्यरत रहे हैं। डॉ. संतोष वर्तमान में जन अधिकार पार्टी में राष्ट्रीय मुख्य महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रही हैं और संगठन के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।जन अधिकार पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक गठबंधन के मद्देनजर चरखारी विधानसभा सीट को लेकर भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। यदि गठबंधन के तहत जन अधिकार पार्टी को कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर मिलता है, तो चरखारी सीट पर उसकी दावेदारी की चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, सीटों के बंटवारे और प्रत्याशी के चयन पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।जातीय समीकरण भी होंगे अहमचरखारी विधानसभा क्षेत्र में लोधी और कुशवाहा समुदाय की मौजूदगी को संभावित चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में डॉ. संतोष राजपूत की संभावित उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी सहित अन्य दल भी आगामी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे में प्रत्याशियों के चयन और गठबंधन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही क्षेत्र की राजनीतिक तस्वीर अधिक साफ हो सकेगी।पहले भी आजमा चुकी हैं चुनावी किस्मतडॉ. संतोष राजपूत स्थानीय राजनीति में नया नाम नहीं हैं। वह पूर्व में जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुकी हैं, हालांकि उस समय उन्हें सफलता नहीं मिली थी। इसके बावजूद उनकी राजनीतिक सक्रियता बनी हुई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जन अधिकार पार्टी उन्हें चरखारी विधानसभा से उम्मीदवार बनाती है या नहीं। फिलहाल उनकी संभावित उम्मीदवारी चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन चुनावी मैदान में उनकी औपचारिक एंट्री पार्टी की घोषणा के बाद ही तय हो
