लोकसभा चुनाव के बाद 10 जिलों में सपा को भाजपा पर मिली जीत, पिछले चुनाव से ज्यादा मतों से जीता सपा प्रत्याशी

नंदकिशोर यादव।

भरुआ सुमेरपुर। लोकसभा चुनाव के बाद यूपी की राजनीति में हुए विधान परिषद चुनावों ने यह साबित कर दिया कि सपा प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, झांसी की सरजमी में अपनी जमीनी पकड़ बनाए हुए हैं। शिक्षक स्नातक विधान परिषद चुनाव में प्रयागराज झांसी खंड में दस जनपद आते हैं। वर्ष 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने प्रयागराज, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, जालौन सुरक्षित, कौशांबी सुरक्षित सीट जीतकर भाजपा को कड़ी पटकनी दी थी। लोकसभा चुनाव के दो वर्ष बाद संपन्न हुए शिक्षक स्नातक विधान परिषद चुनाव में प्रयागराज झांसी खंड सीट पर भाजपा सपा का सीधा मुकाबला था। 2020 के पिछले चुनाव में सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने करीब 4333 मतों से दिग्गज शिक्षक नेता यज्ञदत्त शर्मा को पराजित करके यह सीट सपा के खाते में डाली थी। इस बार सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव का सीधा मुकाबला भाजपा के अशोक कुमार राठौर से था। सपा प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी को इस चुनाव में 27663 मतों से पराजित किया है। सपा के डॉ.मानसिंह यादव को 60358 मत तथा भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 32695 मत प्राप्त हुए है। सपा की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि सपा का प्रयागराज से लेकर झांसी तक अभी भी जलवा कायम है। जिस तरह से इस बेल्ट के मतदाताओं ने लोकसभा चुनाव में भाजपा के बड़े-बड़े दिग्गजों को पटखनी दी थी। उसी तरह शिक्षक स्नातक विधान परिषद चुनाव में भी भाजपा को करारी शिकस्त दी है। जबकि भाजपा ने विधान परिषद चुनाव जीतने के लिए इस सीट पर सभी तरह के हथकंडे अपनाए थे। इसके बाद भी मतदाताओं ने भाजपा को दरकिनार करके सपा को हाथों हाथ लिया है। लोकसभा चुनाव के बाद विधान परिषद चुनाव में मिली जीत से सपा का मनोबल ऊंचा हुआ है। सपाइयों को अब लगने लगा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा को प्रयागराज से लेकर झांसी तक बड़ी बढ़त मिलेगी। वहीं लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद उबरने की कोशिश में जुटी भाजपा को इस बेल्ट में करारा झटका लगा है। प्रयागराज झांसी शिक्षक स्नातक विधान परिषद सीट में दस जिले शामिल हैं। ज्यादातर जनपदों में सपा ने जीत हासिल की है। इससे भाजपा अंदर ही अंदर हिल गई है। राजनीति की जानकारों का कहना है कि लोग भाजपा के झूठ से ऊब गए हैं। महंगाई, बेरोजगारी, छात्रों,किसानों की समस्याओं ने भाजपा को कमजोर किया है। उत्तर प्रदेश में भाजपा के बाद सबसे बड़े मजबूत पार्टी समाजवादी पार्टी है। कार्यकर्ताओं का विशाल नेटवर्क भाजपा से लड़ने को मजबूत विकल्प साबित होता है। इस वजह से मतदाता भाजपा से मोहभंग होने के बाद सपा की ओर जा रहा है। यही कारण था कि मतदाताओं ने लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के मुकाबले प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, जालौन लोकसभा सीट पर सपा को चुना था। भाजपा को महज झांसी लोकसभा सीट की हाथ लगी थी। शिक्षक स्नातक विधान परिषद सीट में मिली जीत ने सपा के अंदर नई ऊर्जा पैदा की है। आगामी विधानसभा चुनाव में इस बेल्ट में सपा का सीधा मुकाबला भाजपा से होना तय माना जा रहा है।

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