बृज की रसोई के निःशुल्क भोजन सेवा अभियान

श्रीरामकथा ज्ञानयज्ञ समारोह समिति की सराहनीय सहभागितापूड़ी-सब्जी की व्यवस्था कर समिति ने बढ़ाया सेवा अभियान का संबल आदित्य शुक्ला धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की सामूहिक सहभागिता से जरूरतमंदों तक पहुंचा भोजन प्रसाद: डॉ अजय कुमार दुबे संस्थापक विपिन शर्मा ने समिति के पदाधिकारियों एवं सहयोगियों के प्रति जताया आभारश्रीरामकथा ज्ञानयज्ञ समारोह समिति ने बृज की रसोई के सेवा अभियान में किया सहयोग : जालिम सिंह लखनऊ। प्रेरणास्रोत परम पूज्य बाबा नीम करौली जी महाराज की असीम कृपा एवं अनुकंपा से इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) के सेवा प्रकल्प बृज की रसोई द्वारा संचालित निःशुल्क भोजन प्रसाद वितरण अभियान में श्रीरामकथा ज्ञानयज्ञ समारोह समिति, सेक्टर-आई, एल.डी.ए. कॉलोनी, कानपुर रोड, लखनऊ ने विशेष सहभागिता की।समिति द्वारा श्रद्धालुओं एवं आमजन के लिए भंडारे की व्यवस्था की जाती है। इसी सेवा परंपरा के क्रम में समिति ने आज बृज की रसोई के भोजन प्रसाद वितरण अभियान में उदारतापूर्वक सहयोग प्रदान किया। समिति की ओर से पूड़ी एवं सब्जी की व्यवस्था की गई, जबकि भोजन निर्माण एवं वितरण से संबंधित कार्य इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के सेवा प्रकल्प बृज की रसोई द्वारा किया गया।इस सामूहिक सहभागिता से निःशुल्क भोजन सेवा को विशेष संबल मिला तथा जरूरतमंदों तक भोजन प्रसाद पहुंचाने के पुनीत उद्देश्य को गति मिली।संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने समिति के समस्त पदाधिकारियों एवं सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक सेवा के कार्यों में धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की ऐसी सहभागिता समाज में परस्पर सहयोग, संवेदनशीलता और मानवीय एकता की भावना को सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सम्मानपूर्वक पहुंचे।इस सेवा अभियान के सफल संचालन में जालिम सिंह, संजय श्रीवास्तव, अनुराग दुबे, आशीष श्रीवास्तव, बलवंत सिंह, विकास पाण्डेय, दीपक भुटियानी, अखिलेश सिंह, मुकेश कनौजिया, उमाशंकर यादव सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग प्रदान किया।बृज की रसोई का यह प्रयास इस संदेश को सशक्त करता है कि जब धार्मिक आस्था, सामाजिक संस्थाओं का सहयोग और मानवीय संवेदना एक साथ जुड़ते हैं, तब सेवा केवल आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक सार्थक उत्तरदायित्व बन जाती है।

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