भरुआ सुमेरपुर। शराब गोदाम की मनमानी से जहां शराब विक्रेता परेशान है। वहीं शराब के शौकीन भी मनपसंद ब्रांड न मिलने से खरीद करने में कतरा रहे हैं। इससे राजस्व को क्षति पहुंच रही है।
जिले में ठेकेदारों को माल उपलब्ध कराने के लिए महज एक शराब गोदाम है। इससे पूरे वर्ष मनमानी पर उतारू रहते हैं। ठेकेदारों की डिमांड के अनुरूप वह ब्रांड न देकर कम बिकने वाले ब्रांडों को थमाते हैं। इसका सीधा असर बिक्री पर पड़ता है। शराब के शौकीन लोग दुकानों में मनपसंद ब्रांड न मिलने पर दूसरे ब्रांड खरीदने से कतराते हैं। मौजूदा समय में सहालग का दौर है। ज्यादातर दुकानों से अच्छे ब्रांड नदारत है। तमाम दुकानों में हफ्तों से अच्छे ब्रांडों का अभाव रहता है। सर्वाधिक समस्या बियर एवं अंग्रेजी शराब की कंपोजिट दुकानों पर है। मनपसंद ब्रांड गायब होने से ग्राहक नए ब्रांड लेने से कतरा रहे है।जिससे दुकानों की बिक्री पर असर पड़ता है। शराब ठेकेदार अनिल तिवारी, रामगोपाल, दयावती, विवेकानंद अवस्थी, आशा सिंह, सत्यभामा, सोनू सिंह आदि ने बताया कि शराब गोदाम से मनपसंद ब्रांड नहीं मिल रहे हैं। इसका असर बिक्री पर पड़ रहा है। डिमांड के अनुरूप माल ही नहीं दिया जाता है। इससे परेशानी हो रही है। शिकायत के बाद आबकारी अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं। प्रभारी आबकारी अधिकारी स्वप्निल सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। अच्छे ब्रांडों का अभाव है। गोदाम की मनमानी के लिए उच्च अधिकारियों को लिखित में अवगत करा दिया है। जल्द ही समस्या का समाधान होगा। गोदाम इंचार्ज प्रशांत सक्सैना ने बताया की डिमांड लगी हुई है। माल समय पर नहीं मिल पाता है। इसमें समस्या खड़ी हुई है। एक सप्ताह में समस्या का समाधान कराकर सभी ब्रांड ठेकेदारों को डिमांड के अनुरूप दिए जाएंगे।
