रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। कस्बे में वर्णिता संस्था के तत्वावधान में बेमिसाल युवा बलिदानी सुखदेव थापर की जयंती मनाई गई।
संस्था के अध्यक्ष डॉ.भवानीदीन ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सुखदेव थापर सही मायने में एक युवा बलिदानी थे। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। इनका जन्म 15 मई 1907 को पंजाब लुधियाना के नौघरा गांव में रामलाल थापर और रल्ली देवी के घर हुआ था। 1928 के साइमन कमीशन का राष्ट्रवादी नेता लाला लाजपतराय ने विरोध करते हुए आन्दोलन का नेतृत्व किया था। लेकिन ब्रिटिश हुकूमत की लाठियों के प्रहार से उनकी मृत्यु हो गई थी। युवा क्रांतिकारियों ने उनकी मौत का बदला लेने का संकल्प लिया। भगत सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ 1928 में सांडर्स की हत्या कर दी। इस मामले एवं 1929 के असेंबली बम कांड में सुखदेव थापर का विशेष योगदान रहा था। अंग्रेजों ने न्याय का नाटक करते हुए भगत सिंह, राजगुरु के साथ सुखदेव थापर को फांसी पर लटका दिया। वह मात्र 24 वर्ष की उम्र में मातृभूमि के लिए बलिदान हो गये। कार्यक्रम मे सिद्धा,दस्सी, अजय,बाबूलाल,रिचा,आशुतोष, विकास,मनबोधन,महावीर, संतोष,प्रेम,रामनारायन सोनकर आदि मौजूद रहे।

