छात्र की मौत से छिना पिता का सहारा


रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। बड़ा कछार निवासी शिवमंगल निषाद ई रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करता है। उसका बड़ा बेटा विशंभर दिल्ली में मजदूरी कर रहा है। वही छोटा बेटा रामलखन पढ़ने के साथ पिता का ई-रिक्शा चलाकर उनका सहयोग करता था। लेकिन बीती रात अवैध संबंधों के चलते राम लखन की हत्या कर दी गई। जिससे पिता का सहारा छिन गया। बहन सुलोचना ने बताया कि भाई रामलखन पढ़ाई के साथ पिता का सहयोग करता था। लेकिन उसकी मौत के बाद माता-पिता का बुरा हाल हो गया है।

नैरो ने खुलासे में निभाया अहम रोल

भरुआ सुमेरपुर। डॉग स्क्वायड टीम ने इस मामले के खुलासे में अहम रोल दिखाया। नैरो ने शव को सूंघने के बाद इधर उधर घूमने के बाद सीधे चाची के घर घुस गया।उधर बहन सुलोचना ने भी चाची पर हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने चाची को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

जान ने ली छात्र की जान

बहन सुलोचना ने बताया कि भाई रामलखन के मोबाइल में “जान” के नाम फीड था।उसी नंबर से वह बात करता था और व्हाट्सप में चैटिंग करता था।बताया कि जब वह चैटिंग देखने के लिए मोबाइल मांगा तो उसने डिलीट कर दिया था।ग्रामीणों का कहना था कि जिसे वह जान कहता था उसी ने उसकी जान ले ली।

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