जगदीश श्रीवास्तव
राठ हमीरपुर। नगर के व्यस्त इंदिरा मार्केट के पीछे स्थित बेशकीमती विवादित भूखंड पर कब्जा करने पहुँचे भूमाफियाओं को देर रात मोहल्लेवासियों ने समय रहते घेर लिया और खदेड़ दिया। कब्जे की कोशिश आधी रात दिनांक 4-6-2025 को रात्रि करीब 12 बजे जेसीबी द्वारा की जा रही थी। जब ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माण सामग्री के साथ थी। नागरिकों की सजगता से बड़ी घटना टल गई।
जानकारी के अनुसार, जिस भूखंड पर यह प्रयास किया गया वह वाद संख्या 1819/2018 — मुलिया बनाम अकबर अली के अंतर्गत न्यायिक विवाद में है। प्रतिवादी पक्ष ने बताया कि यह मामला वर्तमान में पुनः विचार के लिए आयुक्त, बांदा चित्रकूट धाम मंडल द्वारा विचारणीय न्यायालय को रिमांड किया गया था। इसके बावजूद भूमाफिया रात के अंधेरे में अवैध निर्माण की मंशा से पहुँच गए।
स्थानीय निवासियों को पहले से ही आशंका थी कि भूखंड पर अवैध कब्जा हो सकता है, इसलिए कुछ लोग सतर्कता से निगरानी कर रहे थे। जैसे ही जेसीबी ने खुदाई शुरू की, दर्जनों लोग मौके पर पहुँच गए और विरोध जताया। भीड़ देख भूमाफिया भाग निकले। दो-तीन लोग पकड़े भी गए, जिन्होंने क्षमा याचना की और बेगुनाही का दावा किया। मोहल्लेवासियों ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार्यवाही वैध होती, तो रात 12 बजे चोरी-छिपे निर्माण कराने की आवश्यकता क्यों पड़ती? उनका मानना है कि यह एक सुनियोजित कब्जा था, जिसे सामूहिक प्रतिरोध से नाकाम कर दिया गया।
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व सैदपुर मौजा में भी अवैध कब्जे की कोशिश हो चुकी है। हाल ही में स्थानीय सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में मृतक व्यक्ति के नाम से हुई रजिस्ट्री का मामला भी चर्चा में है, जिसे दबाने का प्रयास चल रहा है। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि नगर में भू-माफिया अवैध कब्जे को लेकर सक्रिय हो चुके हैं और जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता से उन्हें बढ़ावा मिल रहा है।
मोहल्लेवासियों और स्थानीय नागरिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि विवादित जमीनों की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए और भू-माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करता, तो नगर में कानून व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।
