जगदीश श्रीवास्तव
राठ हमीरपुर ।नगर में भीषण गर्मी ने जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं नगर पालिका परिषद की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बावजूद नगर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे राहगीर व आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर के सबसे व्यस्त अंबेडकर चौराहे पर पहले दो मटके राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए रखे गए थे, परंतु अब वे भी पुलिस चौकी के अंदर खाली पड़े हैं। तीन सप्ताह पूर्व पालिका द्वारा कुछ चिन्हित स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वह केवल औपचारिकता तक ही सीमित रही। छोटे-छोटे दो घड़े गर्मी में एक घंटे में खाली हो जाते थे, और अब वे भी हटा दिए गए है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर में पहली बार ऐसी लचर व्यवस्था देखने को मिल रही है, जब न तो साफ-सफाई है, न सड़कें दुरुस्त हैं और न ही पीने के पानी की सुविधा। कूड़े-कचरे के ढेर और बजबजाती नालियां नगर की बदहाल स्थिति को बयां कर रही हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच यह स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। जबकि नगर में गंदगी के चलते मच्छरों की तादाद बढ़ती ही जा रही है।
जल संस्थान की ओर से टंकियों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है, पर वह नाकाफी साबित हो रही है। नलों में बदबूदार, पीले रंग का पानी आ रहा है, जिसे पीना तो दूर, उपयोग करना भी कठिन हो गया है। लोग दिन/रात में बाल्टियां लेकर पानी भरने में ही व्यस्त हैं, जिससे उनकी रोजमर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है।
शिकायतों के बावजूद न तो नगरपालिका प्रशासन हरकत में आ रहा है और न ही जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जाकर हालात का जायजा ले रहे हैं। गर्मी से बेहाल नगरवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तत्काल सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराई जाए और सफाई अभियान चलाया जाए।
यदि प्रशासन ने जल्द संज्ञान नहीं लिया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिससे जनाक्रोश बढ़ना तय है।

