भरुआ सुमेरपुर। क्षेत्र पंचायत की बैठक में राजकीय नलकूपों के बंद होने का मुद्दा जोरशोर से उठने के बाद नलकूप विभाग कुंभकर्णी नींद से नहीं जगा है। ब्लॉक के 90फीसदी नलकूप ठप पड़े है। पशु पक्षी प्यास से व्याकुल होकर गांव के किनारे पहुंचकर हिंसक हो रहे हैं। जिससे ग्रामीण परेशान है। जंगली जानवरों को गांव किनारे घूमते देखकर ग्रामीण सहम गए।
बीते 12 जून को क्षेत्र पंचायत बोर्ड की बैठक में ग्राम प्रधानों के साथ बीडीसी सदस्यों ने राजकीय नलकूप ठप रहने से प्यास से पशु पक्षियों के मरने का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया था। सदन ने इस प्रकरण को गंभीरता के साथ लेकर निंदा प्रस्ताव पारित करके कार्यवाही के लिए प्रशासन को भेजने का निर्णय लिया था। इसके बाद नलकूप विभाग कुंभकर्णी नींद से नहीं जगा है और ब्लॉक क्षेत्र में संचालित 90 फ़ीसदी नलकूप बंद पड़े हुए हैं। खेत खलिहानों में पानी का अभाव होने के कारण जंगली जानवर प्यास बुझाने के लिए गांव की गलियों में घूमने लगे हैं। पानी नहीं मिलने के कारण यह हिंसक हो उठे हैं। रविवार की रात बिदोखर में रात 11:00 बजे ऐसा ही नजारा देखने को मिला। गांव निवासी सुरेश कुमार, कौशलेंद्र यादव आदि ने बताया कि खेत खलिहानों में पानी का अभाव होने के कारण जंगली सूअर गांव किनारे घूमते नजर आए। कुत्तों के कोलाहल करने पर जब टॉर्च की रोशनी से देखा गया तो जंगली सूअर खेतों की तरफ भागते नजर आए। नलकूप डिवीजन के जिलेदार अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि सभी नलकूप चालकों को गर्मी में नलकूप किनारे पानी भरने के निर्देश एक माह पूर्व दिए गए थे। नलकूप क्यों नहीं चलाए जा रहा है उन्हें नहीं मालूम है। उन्होंने बताया कि नलकूपों से 21 तालाब भरे गए है। कुल 195 नलकूप है। जिसमें 134 चालू है। विद्युत दोष से 20, यांत्रिक खराबी से 16 एवं जल स्तर गिरने से 25 नलकूप बंद है। बता दें कि विदोखर पुरई में एकमात्र राजकीय नलकूप लगा है। यह मार्च से बंद पड़ा है। इस पर जिलेदार संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।

